तिकुनिया हिंसा में किसानों की हत्या के केस में गवाह के भाई ने खुद पर विपक्षियों की तरफ से जानलेवा हमले का आरोप लगाया है। आरोप है कि तहरीर देने के बावजूद भी न तो थाना प्रभारी राजू राव ने तहरीर ली और न ही घायल का मेडिकल करवाया।
कोतवाली क्षेत्र के कल्होरी गांव निवासी सर्वजीत सिंह 25 पुत्र अंग्रेजसिंह ने शनिवार को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि नौ दिसंबर की रात 10 बजे के करीब अपने मित्र के यहां मुंडन संस्कार की पार्टी में शामिल होने शिवा पैलेस गया था। उसका भाई प्रभुजीत सिंह तिकुनिया हिंसा में गवाह है। आरोप है कि विपक्षी और मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू का एक खास व्यक्ति वहां पहले से ही मौजूद था, जो कि उससे रंजिश रखता है।
विकास ने जैसे ही उसे पार्टी में देखा तभी वह अपने अन्य साथियों के साथ एक तलवार लेकर आ गया और गाली गलौज करते हुए तलवार से हमला कर दिया। उसने बताया कि शनिवार को थाने में तहरीर दी लेकिन प्रभारी थाना राजू राव ने न तो तहरीर ली और न ही मुकदमा दर्ज कराया। यहां तक कि मेडिकल भी नहीं करवाया। परिजनों ने उसे लखीमपुर के निजी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। उधर, कोतवाली प्रभारी राजू राव का कहना है कि उन्हें तहरीर ही नहीं मिली है।