भमोरा। नथा गौंटिया में चार साल की बेटी की हत्या करने वाली महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पूछताछ में महिला ने जुर्म कबूल कर लिया। महिला ने बताया कि बच्ची उस पर बोझ बन गई थी। उसकी हत्याकर वह ससुरालियों को फंसाना चाहती थी। हत्यारोपी को महिला थाने भेजा गया है।
भमोरा थाना क्षेत्र के गांव नथा गौंटिया में चार साल की मासूम प्रियंका उर्फ प्रभा की मंगलवार को मौत हो गई थी। उसके गले पर निशान मिले थे। एक दूसरे पर हत्या का आरोप लगाते हुए बच्ची के परिजन और ननिहाल पक्ष के लोग भिड़ गए थे। बच्ची के ताऊ ने मां पर ही हत्या का आरोप लगाया था। वहीं, मां का कहना था कि बेटी की हत्या उसके ससुरालियों ने की है।
महिला ने यह भी बताया कि पति से उसका विवाद चल रहा है। इस वजह से वह मायके में रह रही थी। एक दिन पहले ही वह बेटी को लेकर ससुराल आई थी। शुरुआत से ही महिला के बयान संदिग्ध थे। इस वजह से उस पर हत्या का शक जताया जा रहा था। पुलिस ने हिरासत में लेकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गई। महिला ने बताया कि वह गुड़गांव में रहकर नौकरी करती है।
बेटी को उसने मायके में छोड़ दिया था। छोटी बहन उसकी देखरेख करती थी। तीन महीने पहले उसकी भी शादी हो गई। इसके बाद बच्ची की देखभाल की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई। उसे साथ रहकर नौकरी करना संभव नहीं था। इस वजह से वह ससुराल आ गई। 10 दिन पहले वह दादी के निधन के बाद मायके गई थी। सोमवार को वह वहां से वापस आई। मंगलवार दोपहर को गला दबाकर उसने बेटी की हत्या कर दी।
नाम बदलकर करती थी नौकरी
आरोपी महिला नाम बदलकर गुड़गांव में नौकरी करती थी। मोबाइल की जांच में सामने आया कि कई सोशल साइट पर उसके अकाउंट हैं। सिम भी चार इस्तेमाल करती है। थाने आने से पहले भी महिला ने कई मेसेज डिलीट किए थे। इस वजह से पुलिस का शक और पुख्ता हो गया। जब नंबर की सीडीआर निकलवाई तो सारी हकीकत सामने आ गई।