बहेड़ी। कस्बा रिछा स्थित मदरसा दारुल उलूम शाह-ए-उमम में जश्न-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। इसमें तालीम (शिक्षा) से फारिग होने वाले 17 तलबा (छात्रों) की दस्तारबंदी हुई। इस दौरान उलमा ने इस्लाम के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
मोहल्ला गौंटिया लालनगर स्थित मदरसा में नाजिम मुईनुद्दीन की सरपरस्ती में हुए जश्न-ए-दस्तारबंदी कार्यक्रम में फरदीन रिछा, खतीब, तौसीब, शाह मुशर्रफ बिहार हाफिज बने। सलमान रिछा, दानिश रिछा, अफसार रिछा, दानिश खजुआ, अलताफ लखीमपुर खीरी, जावेद लखीमपुर खीरी, शहीब अलसिया बोझ (बहेड़ी), शाहरुख फतेहगंज, असगर एमपी, मुस्तकीम बिहार कारी बने। वहीं, आकीब खान धौंरा, आसिफ रजा भोजीपुरा, मोहम्मद दानिश पैगा को मौलवी की सनद दी गई। मदरसे के नाजिमे आला मुईनुद्दीन, मुफ्ती मोहम्मद हम्माद और मुफ्ती शमशादुल कादरी मंजरी ने दस्तारबंदी की।
मुफ्ती हम्माद मुरादाबाद, जामिया कादरिया के मुफ्ती शमशादुल कादरी मंजरी, प्रधानाचार्य मुफ्ती मोहम्मद तहसीन रजा, मुफ्ती आसिमुल कादरी, मुफ्ती मजहर खां, कारी मोहम्मद शराफत, कारी मोहम्मद नदीम, हाफिज तमसील, हाफिज मुबीन, हाफिज तनवीर, मुफ्ती मोहम्मद शारिफ आदि उलमा ने तकरीर की। समाजी तालीम के साथ दीनी तालीम भी दिलाने पर जोर दिया गया।