बरेली। नवरात्र में देशभर में गरबा और डांडिया रास की धूम रहती है। शारदीय नवरात्र की महानवमी को इज्जतनगर के र्साइं मंदिर में डांडिया नाइट का आयोजन किया गया। खूबसूरत पारंपरिक पोशाकों में सजे-धजे युवाओं ने डांडिया रास करके नवरात्र की विदाई बेला को यादगार बना दिया। रंगीन लाइटें, डीजे की धमक के साथ लोक गीतों पर युवक-युवतियां बिना रुके नृत्य करते रहे। कार्यक्रम में सांई मंदिर से जुड़े लोग, गुजराती समाज, सैनिकों के परिवार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कई सालों से डांडिया खेल रही हूं। परंपरा को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह आनंद का पर्व है। - भावना भल्ला
मुझे गरबा सीखने की जरूरत नहीं पड़ी। घर में मां को बचपन से डांडिया खेलते देख रही हूं। बस देखते-देखते खुद ही सीख गई। - जाह्ववी
डांडिया खेलने का अलग ही आनंद है। मैं तो कहता हूं कि सिर्फ नवरात्र क्यों, सालभर सभी त्योहारों में डांडिया खेलना चाहिए। - अर्जुन सिंह जड़ेजा
डांडिया, गरबा यह सब परिवार से विरासत में मिला है। मां, पापा, बहन सभी को बचपन से डांडिया करते देख रही हूं तो मैं भी सीख गई। -पाखी