आरक्षण वर्गीकरण के विरोध में दामोदर स्वरूप पार्क से कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस
बरेली। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जातियों के उपवर्गीकरण आरक्षण संबंधित आदेश को लेकर बसपा समेत विभिन्न संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर बुधवार को दलित संगठन सड़क पर उतर आए। इस दौरान दामोदर स्वरूप पार्क से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और चौकी चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश भी की। इस दौरान नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हालांकि बंद का शहर में असर नहीं दिखाई दिया।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सुबह दस बजे सभी दलित संगठन सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में एकजुट हुए। यहां पर संबंधित फैसले के विरोध में संगठन पदाधिकारियों ने अपने विचार साझा किए फिर जुलूस की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जिससे सड़क पर आवाजाही प्रभावित रही। करीब घंटे भर जाम की स्थिति रही।
प्रदर्शन में महिलाओं की भी उपस्थिति रही। कलक्ट्रेट गेट बंद रहा और फोर्स लगी देख लोगों का पारा चढ़ गया। सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक की नौबत आ गई। करीब दस मिनट बाद एसीएम प्रमोद कुमार ने क्रमवार पहुंच रहे संगठन पदाधिकारियों से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया।
फैसले से समानता के अधिकार का होगा उल्लंघन
संगठनों का तर्क है कि कोर्ट के फैसले से समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा। संबंधित आरक्षण में किसी भी तरह का वर्गीकरण भारतीय संविधान की मूलभावना के विपरीत होगा। भविष्य में इस पर राज्यों की सत्तारूढ़ पार्टियों राजनीति कर सकती है। राष्ट्रपति से कोर्ट के फैसले को वापस लेने, एससी एसटी आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू न करने, क्रीमी लेयर व्यवस्था लागू न करने, जजों की नियुक्ति में आरक्षण लागू करने समेत अन्य मांग की।
इन संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष ओमकार कातिब, भीम आर्मी के विकास बाबू एडवोकेट, समाजवादी बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी, समता सैनिक दल (उत्तर प्रदेश) के जिलाध्यक्ष चरन सिंह सागर, संत गाडसे जन कल्याण समिति के अध्यक्ष टीसी चौधरी, द बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह, भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति के जिलाध्यक्ष रनवीर सिंह, आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अच्छन अंसारी एडवोकेट व अन्य संगठन पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा। भारत बंद को समाजवादी बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी का समर्थन रहा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोनकर, जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम ने जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट के आसपास का इलाका बना छावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। भारत बंद पर किसी भी तरह की आशंका से निपटने को पुलिस प्रशासन के अफसरों ने पूरी तैयारी की थी, जिसमें वह सफल रहे। कलक्ट्रेट के आसपास का इलाका छावनी बना दिया गया था। शाम को धरना और ज्ञापन का दौर खत्म होने पर पुलिसकर्मी ड्यूटी से वापस लौटे।
भारत बंद के दौरान किसी तरह के टकराव या बवाल की आशंका से जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया था। एसएसपी अनुराग आर्य ने 175 प्वाइंट पर पुलिस की ड्यूटी लगाई थी। करीब 200 रिक्रूट अलग से तैनात किए गए थे। सौ अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की गई थी। दंगा नियंत्रण के संसाधन जैसे आंसू गैस आदि कोतवाली में पहले से पर्याप्त मात्रा में जुटा लिए गए थे। एक कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ, 18 क्यूआरटी तैनात की गई थीं।
दो सीओ, पांच थाना प्रभारी ने संभाली व्यवस्था
कलक्ट्रेट के आसपास कोतवाली, कैंट, सुभाषनगर के साथ ही शेरगढ़ थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव व सीओ द्वितीय संदीप कुमार सिंह प्रशासनिक अफसरों के साथ ज्ञापन लेने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग कर रहे थे। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जिले में माहौल पूरी तरह ठीक है। लोग शांतिपूर्वक तरीके से ज्ञापन देकर चले गए।
वकील की टिप्पणी से नाराज प्रदर्शनकारी टिन शेड में घुसे
प्रदर्शनकारियों ने पास में ही बने वकीलों के टिनशेड में घुसकर हंगामा किया। सूत्रों के मुताबिक एक वकील ने आरक्षण को लेकर टिप्पणी कर दी। इस कारण नाराज प्रदर्शनकारी वकील का वीडियो बनाने लगे और टिनशेड में घुसकर नारेबाजी की। संबंधित वकील को अपनी ओर खींचने की कोशिश की गई। साथियों ने बमुश्किल वकील को मौके से हटाया। थोड़ी देर हंगामा करने के बाद प्रदर्शनकारी खुद ही वहां से चले गए। अमर उजाला ब्यूरो