बरेली। अर्बन हाट में चल रहे मंडलीय सरस मेले में शनिवार को विराट कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। संचालन करते हुए रोहित राकेश ने लाइनें पढ़ी- जो भूखे हें वो यार दिवाली क्या जाने, पैसे हों जब चार दिवाली होती है। राजस्थान से आए नमोकार जैन ने कहा- जाति भाषा क्षेत्र संप्रदाय में बटे हो किंतु अखंड हिंदुस्तान का विधान होना चाहिए। हरियाणा से आए सतीश एकांत ने कहा-मेरे मन में हमेशा राष्ट्र का सम्मान पलता है, हर इक दिल में नहीं जज्बात का ये ख्वाब जलता है, हरारत में तनिक सी तपिस बेचैन करती है, मेरे प्यारे वतन तो जब कोई हैवान छलता है। हरदोई से आए करुणेश दीक्षित ने कहा- बहुत वा होश, होता हूं मैं जब बेहोश होता हूं, तुम्ही से बात करता हूं मैं जब खामोश होता हूं, कभी जब याद में तेरी छलक आती हैं ये आंखें मैं खुद को दोष देता हूं मगर निर्दोष होता हूं। आगरा से आए गया प्रसाद मौर्य ने कहा-राम के ही देश में ये राम पे सवाल उठें टालिए न प्रश्न मात, हल करबाइए, सदियों से ताक रहे, देख रहे हर ओर, राम जी का घर धूम, धाम से बनाइये। हल्द्वानी की तरन्नुम निशात ने कहा-यह है मेरा हिंदुस्तान, एक घर में मुल्ला पंडित साथ करते अजान।