आंवला। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने मउचंदपुर गांव में कुछ महीने पहले ही जिस गोशाला का शुभारंभ किया था, वहां व्यवस्थाएं बदहाल हैं। कई गायें बीमार हैं। जख्मी गायों को कौए नोच रहे हैं। यहां रखे गए पशुओं को सूखा चारा मिल रहा है। जिन गायों की मौत हो जाती है, उन्हें नजदीक ही दफनाया जा रहा है। गोशाला की समीप वाली जमीन में कई पशुओं के अवशेष दफन हैं।
ये आरोप लगाते हुए बुधवार को हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक यहां हंगामे के हालात रहे। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ता शांत हुए। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अनुपम शंखधार ने बताया कि कई दिनों से उन्हें स्थानीय कार्यकर्ता व ग्रामीणों की ओर से गोशाला में हावी अव्यवस्थाओं की शिकायत मिल रही थी।
बुधवार सुबह आठ बजे वह कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। यहां 11 गायें बीमार मिलीं। उनके जख्मों को कौए नोच रहे थे। गोशाला के कर्मचारियों से बातचीत की तो वे अभद्रता करने लगे। इससे नाराज कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। फोन पर गोशाला के केयरटेकर को सूचना दी तो करीब दो घंटे बाद गायों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था कराई गई।
हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम नहने राम से भी कार्यकर्ताओं ने लापरवाही के चलते गायों की मौत होने की बात कही। कहा कि इन गायों के शवों को नजदीक ही दफनाया जा रहा है। अनुपम शंखधार ने चारे-पानी की व्यवस्था करने के साथ ही बीमार गायों का उपचार कराने की मांग की।
एसडीएम ने मामले की जांच कराने के साथ ही गोशाला की रखरखाव समिति में संगठन के एक कार्यकर्ता को शामिल करने की बात कही। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ता शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में पवन श्रीवास्तव, सोमेश दिवाकर, निर्मल हिंदू, ब्रजभान, हिमांशु सोलंकी, आकाश राजपूत आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।