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Atiq Ashraf Murder: युवक की मौत पर भीड़ का अतीक-अशरफ के नाम पर बवाल, दरोगा बोला- पुलिस न आती तो लोग मार देते

Wed, 19 Apr 2023 08:48 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली में युवक की मौत पर भीड़ ने जमकर बवाल किया। भीड़ ने अतीक और अशरफ के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस पर लूट की खातिर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
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अरकान कुरैशी का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में मीट फैक्टरी से लौट रहे अरकान की मौत के बाद पुलिस पर लूट की खातिर गोली मारने का आरोप लगाकर भीड़ ने हंगामा काटा। खुराफातियों ने घटना को अतीक और अशरफ से जोड़कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि माहौल खराब करने की कोशिश नाकाम रही।
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घटना के दौरान मृतक का शव और बाइक दूर तक घिसटने के संकेत मिल रहे थे। पुलिस मौके पर पड़ी बजरी पर अरकान की बाइक फिसलने की बात कह रही थी। इधर, भीड़ का आरोप था कि जब घटनास्थल कैंट थाने का है तो बिथरी थाने के सिपाही यहां क्या कर रहे थे।

भीड़ चीख रही थी कि प्रयागराज में पुलिस ने अतीक व अशरफ को मरवा दिया, अब यहां अरकान की हत्या की गई है। चाचा आफताब ने आरोप लगाया कि गांव के लोगों ने चीता पुलिसवालों को अरकान की जेब से कुछ निकालते देखा। कहा कि अरकान की जेब में भैंस बिक्री के 35 हजार रुपये थे जो शुरू में गायब लग रहे थे पर बाद में मिल गए। उसका मोबाइल पास की नाली में मिला।
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उनका कहना था कि पुलिस ने रात में अकेला देखकर अरकान को लूटने की कोशिश की पर भीड़ आने से कामयाब नहीं हो सके। जब वे लोग पहुंचे तो दो में से एक सिपाही को भीड़ ने पकड़ रखा था। बाद में बिथरी थाने के ही दरोगा आए और रिवाल्वर तानकर उन लोगों को धमकाया।

ग्रामीण ने दी थी सिपाही पुष्पेंद्र को हादसे की जानकारी

परसौना गांव बिथरी थाने की टीपी नगर चौकी में आता है, जबकि इसी गांव का बाहरी हिस्सा जहां हादसा हुआ, वह कैंट थाने में है। सामान्य रूप से ग्रामीण परसौना में कोई घटना होने पर बिथरी पुलिस को ही बुलाते हैं। इसीलिए रात में घटना के बाद ग्रामीण पप्पू ने बिथरी चैनपुर के जीरो प्वाइंट पर ड्यूटी कर रहे सिपाही पुष्पेंद्र को कॉल कर बिलाल मस्जिद के पास एक्सीडेंट में युवक की मौत की बात बताई। 

कॉल सैदुपुर के नदीम के नंबर से करके कांफ्रेंस कॉल में बात की गई थी। पुष्पेंद्र की सूचना पर सिपाही विनीत और होमगार्ड वीरपाल वहां पहुंचे तो भीड़ ने उन्हीं पर हत्या का आरोप लगा दिया। होमगार्ड ने भागकर जान बचाई पर सिपाही घिर गया। बाद में चौकी इंचार्ज धमेंद्र सिंह पहुंचे तो भीड़ उनसे भी भिड़ पड़ी।

दरोगा बोले- पुलिस नहीं आती तो मार देती भीड़

चौकी इंचार्ज टीपीनगर धमेंद्र सिंह व सिपाही विनीत को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें एक्सीडेंट में युवक की मौत की सूचना मिली थी। वह निजी कार से वहां पहुंचे तो भीड़ ने उनको घेर लिया। भीड़ बेकाबू थी और नारेबाजी कर रही थी। अगर बाहर से और पुलिस न आती तो भीड़ उन्हें जान से मार देती।
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युवक की एक्सीडेंट में मौत के बाद शरारती तत्वों ने इसे हत्या बताकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। अतीक और अशरफ हत्याकांड से जुड़ा मामला बताकर दूसरे लोगों को भी भड़काया। आरोपियों की तलाश कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राहुल भाटी, एसपी सिटी
 
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