लॉकडाउन में बिकता खाने-पीने का सामान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
टेलर, मैकेनिक की दुकानें भी खुलीं, गली मोहल्ले में ई-रिक्शा ढो रहे सवारियां
बरेली। लॉकडाउन के दौरान पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। मुख्य सड़कों पर तो कार्रवाई के डर से लोग कम ही नजर आते हैं, लेकिन गली मोहल्ले गुलजार हैं। शनिवार को आजमनगर में एक कोटे की दुकान पर लोगों की खासी भीड़ नजर आई। दुकान के अंदर भी करीब छह-सात लोग थे। साथ ही टेलर, मैकेनिक की भी दुकानें खुली थीं। बानखाना में खजले-सेंवई बिक रहीं थीं। रिक्शा-ऑटो भी गली मोहल्लों में जमकर दौड़ रहे हैं। ई-रिक्शा भी सवारी ढोते नजर आए।
आजमनगर
यहां कुमार टॉकीज पर पिकेट तैनात होने के कारण लोग मेन रोड पर कम निकलते हैं, लेकिन डलावघर से आगे बढ़ते ही जगह-जगह लोग जमघट लगाए बैठे रहते हैं। शनिवार को यहां एक कोटेदार की दुकान पर 20-25 लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते नजर आए। अधिकतर ने मास्क नहीं लगाए थे। दुकान के अंदर भी छह-सात लोग मौजूद थे। इलाके की गलियों में टेलर, मैकेनिक और कपड़ों की दुकानें खुली थीं। जगह-जगह चबूतरों पर बिना मास्क लगाए लोग बैठे नजर आए। इलाके में गंदगी के ढेर भी लगे मिले। गोबर से नालियां चोक दिखीं। लोगों का लापरवाह रवैया देख लगा कि उन्हें कोरोना का जरा भी खौफ नहीं है।
कोहाड़ापीर
कोहड़ापीर पर दवा बाजार, स्टेशनरी और अन्य सामान की दुकानें खुलने के कारण भीड़भाड़ रही। गाड़ियों की भी लगातार आवाजाही बनी रही। पुलिस की सख्ती के बावजूद खरीदारी करने वाले लोगों की सड़क किनारें गाड़ियां खड़ी होने से कई बार जाम की स्थिति बनी। इस दौरान रिक्शे वाले भी यहां सवारियां ढोते नजर आए। अधितकर लोग भी बिना मास्क के घूम रहे थे।
बानखाना, चाहवाई, शाहबाद
यहां शनिवार को गलियों में भीड़भाड़ नजर आई। लोग बिना मास्क लगाए दुकानों पर खरीदरी करते मिले। जगह-जगह घरों के बाहर चबूतरों पर भी लोग बैठे नजर आए। कई जगह ठेलों और दुकानों पर खजले-सेंवई बिकती मिलीं। महिलाएं इकट्ठी होकर बाजारों में घूम रही थीं। शाहबाद और चाहवाई की गलियों में कई ई-रिक्शा भी सवारियां ढोते नजर आए। पुलिस के आने पर लोग घरों में चले जाते हैं, लेकिन फिर सड़कों पर वैसी ही भीड़भाड़ हो जाती है। इन इलाकों में भी जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले।