शुक्रवार को भी जारी रही बारिश, किसानों ने खेतों पर पहुंचकर किया आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
शाही/मीरगंज/शीशगढ़। बुधवार से शुरू हुई तेज हवा के साथ बारिश शुक्रवार को भी पूरे दिन होती रही। तेज हवा के चलने से धान व गन्ने की फसलें खेतों में ही बिछ गई हैं। शुक्रवार को कुछ देर बारिश रुकते ही किसान खेतों पर पहुंच कर आकलन किया और अनुमान जताया कि उपजों के पैदावार घटेगी। हालांकि विशेषज्ञों ने बताया कि इससे नुकसान होने की संभावन कम है।
दरअसल, शाही में बारिश रुकने पर दिन में किसान पहुंचे। फसलों को जमीन पर बिछा देखकर माथा पकड़ कर बैठ गए। हालांकि ग्रामीणों ने ढांढस बंधाया। इस तरह से क्षेत्र के अधिकांश गांव में यही हालत है। खासकर जिनकी अगेती प्रजातियां धान की फसलों के रूप में कटने को तैयार हैं। खेतों में गिर जाने के वजह से गन्ने की भी पैदावार में कमी होने की आशंका जताई गई है। शाही के किसान अनुरोध सिंह, ठाकुर विजय सिंह, नाजिम हुसैन ने बताया कि उनकी भी धान और गन्ने की फसलों को नुकसान हुआ है।
इधर, गांव बसई के किसान सतीश चंद्र गंगवार, बेदराम गंगवार, महेश सिंह, धनेली के उदयवीर सिंह, ओमप्रकाश, दिसपाल सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में शरबती धान लगाया था, जिसकी बाली निकलकर तैयार है। लगभग बीस दिन में फसल पककर तैयार हो जाती। कुछ किसानों ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बैंकों से ऋण लेकर धान की खेती की थी। मगर, पैदावार प्रभावित होगी। शीशगढ़ क्षेत्र में गन्ने की खेती करने वाले ग्राम बल्ली निवासी किसान छोटे लाल ने बताया कि उनका आठ बीघा में खड़ा गन्ना गिरकर नष्ट हो चुका है।
मिर्च की फसल होगी प्रभावित
बिशारतगंज। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में धान की बाली निकल आई है, उन खेतों में पानी लगने अधिक नुकसान है, जो किसान मिर्च लगा चुके हैं। उसमें भी भारी नुकसान का अनुमान है। संवाद
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गांव की बिजली व्यवस्था चरमराई
हाफिजगंज। भंडसर में दो दिनों से हो रही बरसात से कई गांव की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। गांव बड़ेपुरा खोह, ढकिया खाईखेड़ा, भटपुरा जागीर, मटकुला आदि गांव के उपभोक्ता सियाराम, शंकर लाल, दीनदयाल, ओमकार आदि ने बताया की दो दिन से हो रही बरसात ब तेज हवा से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। जगह-जगह पेड़ भी गिर गए, जिस कारण क्षेत्र वासियों को बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने विभाग से शीघ्र ही बिजली व्यवस्था ठीक करवाने की मांग की है। संवाद