बारिश-ओलावृष्टि से खेतों में बिछी फसल
मीरगंज। जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार को तेज बारिश-ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई तो सरसों की बालियां टूट गईं। खेतों में कटी पड़ी फसल डूबने से अब यह फसल सड़ने का अंदेशा है। बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
मौसम विभाग की ओर से बृहस्पतिवार और शुक्रवार को बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया था। बृहस्पतिवार देर रात जिले के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार को पूरा दिन बादलों की आवाजाही बनी रही मगर बारिश नहीं हुई। देर शाम मौसम ने एक बार फिर करवट ली। शाम छह बजे के करीब आसमान में काली घटाएं उमड़ने से अंधेरा छा गया। थोड़ी ही देर में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक ओले गिरे। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल लोट गई। खेतों में पानी भरने से अब यह फसल सड़ने का खतरा है। बारिश के बाद फसल कटाई का काम भी बंद हो गया। सेंथल के किसान वसीम हैदर ने बताया कि पांच बीघा में गेहूं की फसल और पांच बीघा में सरसों की फसल की थी। बारिश के कारण काफी सरसों खेत मे ही झड़ गई। फसल डूबने से लाखों का नुकसान हुआ है। लाड़पुर गांव के इकरार अहमद ने बताया कि चार बीघा गेहूं पहले हुई बारिश से गिर गया था। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद कटी हुई फसल डूब गई।
आम के बौर को भी पहुंचा नुकसान
बहेड़ी। इस बार आम के पेड़ों पर अच्छा बौर आया था। इसको लेकर बागवानों को अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी। शुक्रवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरने से आम का बौर भी झड़ गया। इसको लेकर किसान निराश दिखने।
फसल कटाई का काम रुका
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद गेहूं और सरसों की कटाई का काम थम गया। किसानों ने बताया बारिश के बाद अब करीब एक सप्ताह तक फसल की कटाई नहीं हो सकती। सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ जिनकी फसल कटने के बाद खेतों में ही पड़ी थी। खेतों में पानी भरने से अब यह फसल सड़ने का अंदेशा है।