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Bareilly News: प्रवेश पर संकट... 12 विद्यार्थियों की सीटें निजी कॉलेज में मिलीं लॉक

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- प्रवेश समिति ने विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सीट अनलॉक कराने का दिया सुझाव
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेज छात्रों की अनुमति के बगैर प्रवेश दर्ज कर सीट लॉक कर रहे हैं। लिहाजा, विद्यार्थी मनमुताबिक कॉलेज में प्रवेश लेने से वंचित हो सकते हैं। बरेली कॉलेज पहुंचे 12 विद्यार्थियों का प्रवेश इसी अड़चन की वजह से अटक गया है।
प्रवेश समिति ने मामले की छानबीन की तो पता चला कि 12 विद्यार्थियों की सीटें दूसरे कॉलेज में लॉक हैं। इसलिए वह तब तक प्रवेश नहीं ले सकेंगे, जब तक उनकी सीट विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अनलॉक नहीं हो जाएगी। यह भी प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने की अंतिम तिथि से पूर्व होनी चाहिए। तभी वे मनपसंद कॉलेज में निर्धारित समयानुसार प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। अन्यथा की स्थिति में उनका प्रवेश उसी कॉलेज में माना जाएगा, जहां पर उनकी सीट लॉक हुई है।
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बरेली कॉलेज की मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना शर्मा के मुताबिक विद्यार्थियों की सीट किसी और कॉलेज में लॉक होने पर उनको बरेली कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा। नियमानुसार एक विद्यार्थी का प्रवेश एक ही कॉलेज में हो सकता है। जिन्हें प्रवेश लेना है, उन्हें पोर्टल पर सीट अनलॉक करानी होगी।

हस्तक्षेप नहीं कर सकते कॉलेज : प्रो. वंदना
निजी या किसी राजकीय डिग्री कॉलेज में जबरन सीट लॉक हुई है या विद्यार्थी ने स्वेच्छा से प्रवेश लिया है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकती। इसलिए विद्यार्थियों काे ही विश्वविद्यालय में आपत्ति दर्ज करानी होगी। कोई अन्य कॉलेज इस प्रकरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसका प्रयास करेंगे तो संदिग्ध माने जाएंगे।
कई वर्षों से चल रहा खेल, नहीं हुई कार्रवाई
छात्र संंगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि निजी कॉलेजों की ओर से विद्यार्थियों की अनुमति के बिना सीट लॉक करने का यह पहला मामला नहीं है। बीते कई साल से यह खेल चल रहा है। इस वर्ष फिर मामले सामने आए हैं। सीट अनलॉक कराने के लिए विद्यार्थी भटकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन भी इस पर अंकुश लगाने का कोई प्रयास नहीं करता। सूत्रों का कहना है कि घटते प्रवेश के ग्राफ को दुरुस्त करने के लिए कई निजी कॉलेज ये खेल कर रहे हैं।
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चोरी नहीं करते रिकॉर्ड, विकल्प चुनने से पहुंचता है जरूरी डेटा
मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना के मुताबिक प्रवेश पंजीकरण के लिए विश्वविद्यालय द्वारा पोर्टल खुलने पर विद्यार्थी को एक से ज्यादा कॉलेज चुनने का विकल्प मिलता है। पंसदीदा कॉलेज में प्रवेश मिलेगा या नहीं, इसे लेकर असमंजस रहता है। इसके चलते वे कई विकल्प चुनते हैं। इसी दौरान जरूरी शैक्षिक और व्यक्तिगत दस्तावेज भी अपलोड करते हैं, जो उन कॉलेज के पास भी पहुंचता है। कोई डाटा लीक या चोरी नहीं होता। अमर उजाला ब्यूरो
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