प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि बरेली सहित प्रदेश के सभी 12 आशा ज्योति केंद्रों में स्टाफ की तैनाती अगले महीने हो जाएगी। इनमें एसिड एटैक से पीड़ित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं नहीं मिलेंगी तो रेप पीड़िता तथा विधवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इन केंद्रों में महिलाओं की तैनाती होनी है, कोई भी पुुरुष स्टाफ तैनात नहीं होगा। इन केंद्रों में तैनाती के लिए आदेश के साथ-साथ नियुुक्ति नियमावली भी जारी कर दी गई है। इन सभी की तैनाती संविदा के आधार पर होगी लेकिन मासिक वेतन बेहतर होगा। सबसे बड़े पद प्रशासक का वेतन करीब 50 हजार रुपये होगा। उसके बाद के पदों का वेतन उसी अनुपात में कम होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव ने आदेश में कहा है कि प्रत्येक केंद्र पर एक प्रशासक. एक अधीक्षिका, दो काउंसलर, एक एक्सपर्ट, दो लिपिक, चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की तैनाती सीधे - सीधे महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से होगी। चिकित्सा से जुड़ा स्टाफ सीएमओ के स्तर से रोस्टर के अनुसार भेजा जाएगा, जो कि महिला होगी। इसी तरह पुलिस चौकी में 24 घंटे महिला कांस्टेबिल और दरोगा की तैनाती एसएसपी की ओर से रोस्टर के अनुसार की जाएगी।
दूसरी ओर शासन ने स्टील फर्नीचर फ्रेम पर आधारिक केंद्र के भवन का ब्योरा मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि यह केंद्र मई के पहले सप्ताह में बनकर तैयार हो जाएगा। भवन के आसपास पार्क आदि की व्यवस्था दो महीने में हो जाएगी।