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शराब की दुकानें बंद करवाने सड़कों पर उतरीं महिलाएं

Sun, 02 Apr 2017 01:28 AM IST
बरेली।  
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Women on the streets to turn off liquor shops - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर तक शराब की दुकान हटाने के आदेश के बाद हाईवे से हटकर रिहायशी इलाकों में खुलने वाली दुकानों के खिलाफ जिले में कई जगह प्रदर्शन हुए। शनिवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुये महिलाओं ने मलूकपुर और चौपुला चौराहा के पास प्रदर्शन किया। वहीं आंवला और नवाबगंज में भी लोगों ने प्रदर्शन करते हुये चक्का जाम का प्रयास किया। पुलिस ने शिफ्ट हुई दुकानों पर ताला डलवाकर लोगों को शांत किया। 
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मलूकपुर में शराब भट्टी के विरोध में सुबह करीब 12.30 बजे महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू किया। महिलाओं की अगुवाई पार्षद रीना गुप्ता कर रही थी। महिलाओं का पक्ष था कि शराब भट्टी कागजोें पर कसगरान में चल रही है, लेकिन खुली मलूकपुर में है। इसके अतिरिक्त नियम है कि मंदिर के सौ मीटर के दायरे में शराब की दुकान नहीं हो सकती है। मलूकपुर में शराब की दुकान सिर्फ 25 मीटर के दायरे में मौजूद है। महिलाओं का पक्ष था कि यह रास्ता आला हजरत दरगाह के लिये जाता है। जायरीन निकलते हैं। शराब पीकर रास्ते में खड़े होने वाले उन्हें परेशान करते हैं। शाम ढलने के बाद महिलायें निकलने से घबराती है। उनके साथ छेड़छाड़ की घटनायें होती है। मलूकपुर में प्रदर्शन की सूचना कोतवाली और किला का पुलिसबल पहुंच गया। लोगों ने शराब की दुकान का शटर गिरवाने के बाद सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब ढाई घंटे तक प्रदर्शन के बाद सीओ प्रथम सुशील कुमार पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने डीएम के नाम पर उन्हें ज्ञापन सौंप दिया। साथ ही लोगों ने शराब की दुकान को हटवाने के लिये 24 घंटे का समय दिया है। महिलाओं ने बताया कि अगर निर्धारित समय के बाद शराब की दुकान फिर खुलती है तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।   

हमारे बच्चे बिगड़ेंगे, जिम्मेदार कौन होगा
अयूब खां से चौपुला चौराहा जाने वाली रोड पर एक नई शराब की दुकान खुलने पर किशोर बाजार की महिलाओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने बताया कि यह दुकान पहले चौपुला चौराहा के पास खुली हुई थी। शराब कारोबारी ने वहां दुकान बंद करके रातो रात सामान शिफ्ट कर लिया। सुबह नई शराब की दुकान खुली देखकर लोग भड़क गए। भारी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया। दुकान के सेल्समैन शटर गिराकर भाग निकले। सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज प्रीति पवार सहित कोतवाली पुलिसबल मौके पर पहुंच गया। लोगों को समझाने का प्रयास शुरू हो गया। महिलाओं का कहना है कि हमारे बच्चे शराबियों को देखकर बिगड़ेंगे, इसका जिम्मेदार कौन होगा। पुलिस ने शराब की दुकान को हटवाने का आश्वासन लोगों को दिया है। 
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नवाबगंज में लगाया जाम
नवाबगंज। नवाबगंज हाईवे पर खुली अंग्रेजी व देशी शराब की दो भट्टियां हटाई जानी है। पहले भट्टी मालिक बिजौरिया रोड पर भट्टी खोले जाने की जुगत में थे, लेकिन  बस्ती वालों ने पुरजोर विरोध किया। बीती रात शराब ठेकेदार ने बरखन मार्ग पर यासीननगर में एक दुकान को किराये पर लेकर रातों रात उसमें सामान रख दिया। सुबह लोगों ने गांव में शराब की भट्टी खुली देखी तो गुस्सायें लोग पहले बीडीसी सदस्य गुडड् सिद्दीकी व भाजपा नेता माहिर अली जैदी व हिफाजत की अगुवाई में कोतवाली पहुंचे। थाना समाधान दिवस में गांव में शराब की भट्टी न खोले जाने की मांग पत्र तहसीलदार को दिया। 
गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुषों ने दोपहर ढाई बजे शराब भट्टी खोले जाने का विरोध करते हुए बरखन रोड पर जाम लगा दिया। लोगों ने जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेता माहिर अली व जाकिर अली उर्फ बड़े बाबू ने किसी तरह से जाम को खुलवाकर वाहनों का आवागमन शुरू कराया। कोतवाल प्रमोद कुमार शर्मा भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की पुलिस से काफी नोंक-झोंक हुई। पुलिस ने शराब भट्टी पर ताला लगाने के बाद लोग शांत हुये। 
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