जिले में डकैतों और सराफा कारोबारियों की बड़ी मिलीभगत का पुलिस ने रविवार को भंडाफोड़ कर दिया। अंतरराज्यीय हसीन गैंग डकैती का माल इन्हीं सराफा कारोबारियों को बेचता था। शीशगढ़ का शातिर अपराधी और गैंग का सरगना हसीन उर्फ गुड्डू इन्हीं सराफ की मदद से जेवर आदि आसानी से खपाता रहा। क्राइम ब्रांच और सीबीगंज पुलिस ने हसीन के अलावा गैंग के दो सदस्यों और दो सराफ को गिरफ्तार कर डकैती और लूट की सात वारदातों का खुलासा किया है। एक सराफ आलमगीरीगंज और दूसरा शीशगढ़ का है। एक अन्य सराफ की तलाश की जा रही है।
एसपी देहात यमुना प्रसाद और एसपी सिटी समीर सौरभ ने संयुक्त रूप से पुलिस लाइंस में पत्रकारों के सामने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शीशगढ़ कस्बे के मोहल्ला कांवर निवासी हसीन उर्फ गुड्डू शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ सीबीगंज, शाही, शेरगढ़, शीशगढ़, इज्जतनगर, सुभाषनगर और शाही आदि थानों में तीन संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं। उसके साथ गांव के ही मान सिंह के अलावा बड़े उर्फ अब्दुल हसन निवासी ग्राम रूपपुर पैगा, थाना भोजीपुरा को गिरफ्तार किया गया है। इनके अलावा और भी बदमाश डकैतियों में शामिल हैं, पुलिस उनकी तलाश करने में जुटी है। इस गैंग का माल थाना शेरगढ़ के मोहल्ला ब्रहमनान निवासी रामकुमार सराफ खरीदता था। वह भी हाथ लग गया है। थाना किला के छोटी वमनपुरी निवासी प्रदीप मराठा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रदीप मराठा की आलमगीरीगंज में एवन के नाम से सराफ की दुकान है। एसपी देहात ने बताया कि यह गैंग बरेली के अलावा हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड में भी वारदात करते हैं। डकैतों के पास से दो तमंचे बारह बोर, एक चाकू, दो लाख कीमत के जेवरात और दो लाख 77 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
इन घटनाओं का हुआ खुलासा
30 नवंबर 2016
थाना सीबीगंज के परधोली गांव में कोयला फैक्ट्री में सो रहे बुजुर्ग महेंद्र पाल गंगवार की गोली मारकर हत्या का खुलासा हुआ है। महेंद्र गंगवार ने दुकानों में लूटपाट का विरोध किया था।
30 सितंबर 2016
थाना शाही के ग्राम आलमपुर गांव के रास्ते पर सराफ प्रवेश रस्तोगी से बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर और मोटर साइकिल लूट ली थी।
24 अक्तूबर 2016
थाना बहेड़ी में कस्बे के भारतीय स्टेट बैंक से निकलते समय रोहनिया गांव के वेदप्रकाश से 35 हजार रुपये लूट लिए थे।
5 फरवरी 2017
थाना सीबीगंज में कारोबारी अफसर अली के घर में घुसकर डकैती डाली थी। विरोध करने पर डकैतों ने उनके परिवार की महिलाओं की पिटाई भी कर दी थी।
23 फरवरी 2017
थाना सीबीगंज के खना गौटिया गांव के शेर मोहम्मद और उसक भाई मुन्ने अली के घर में घुसकर बदमाशों ने डकैती कर ली थी। बदमाश दोनों भाइयों के घर के लाखों का माल समेट ले गए थे।
25 फरवरी 2017
थाना सुभाषनगर के बेनीपुर चौधरी गांव में शेर सिंह कश्यप के घर में डकैत घुसकर लाखों का माल समेट ले गए थे। पुलिस ने इस वारदात का खुलासा कर दिया।
2 जनवरी 2017
थाना शाही के खजुरिया मंदिर तिराहे पर चलती बस को रुकवाकर सराफ दिनेश कुमार रस्तोगी से आभूषण और नकदी लूट ली थी। इस घटना का भी खुलासा हो गया है।
ये है वारदात करने का तरीका
हसीन उर्फ गुड्डू गैंग का वारदात करने का तरीका बिल्कुल अलग है। यह गैंग जहां वारदात करता है, वहां के किसी एक व्यक्ति को अपने गैंग में शामिल कर लेते हैं। इसके बाद उसी के रेकी कराने के बाद घटना को अंजाम दे देते हैं। इन सभी घटनाओं में हसीन ने यही किया, उसने लोकल के लोगों को अपने गैंग में जोड़कर ताबड़तोड़ घटनाएं कर पुलिस को चुनौती दी थी।
आलमगीरीगंज को फिर से किया बदनाम
आलमगीरीगंज में आए दिन बाहर की पुलिस आकर छापामारी करती रहती है। कई सराफा कारोबारियों ने शहर के इस बाजार को दाग लगाया है। शनिवार रात को क्राइम ब्रांच और सीबीगंज की टीम ने संयुक्त रूप से आलमगीरीगंज के एवन सराफ के मालिक प्रदीप मराठा को दबिश देकर उठा लिया था। रविवार को प्रदीप मराठा को दोषी मानते हुए पुलिस ने जेल भी भिजवा दिया। पुलिस को अभी एक सराफ की ओर तलाश है। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
टीम को दस हजार का इनाम मिला
एसएसपी ने डकैतों के गैंग का खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रुपये बतौर इनाम देने की घोषणा की है।