एसएसपी आरके भारद्वाज ने टेलीफोन ड्यूटी करने वाले सिपाही पंकज यादव को निलंबित क रके फाइल खुलवा दी। उसकी खता यह थी कि उसने दरोगा के हमदर्दी जताते हुए सूचना लीक कर दी थी। उसने नेता जी से सिफारिश कराकर अपने ऊपर होने वाली कार्रवाई को टलवा दिया था। मामले की विभागीय जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अजय कुमार चौहान कर रहे हैं।
हुआ यह कि थाना इज्जतनगर के एक दरोगा को लेकर नाराजगी जताने पर एसएसपी ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कह दिया था। यह बात जैसे ही बंगले पर टेलीफोन ड्यूटी करने के दौरान सिपाही पंकज यादव ने सुन ली। पंकज पिछले चार साल से बंगले पर तैनात है। दरोगा से उसका अच्छा परिचय है। इसलिए उसने हमदर्दी में दरोगा को फोन करके यह बता दिया कि तुमसे कप्तान साहब नाराज हैं। दरोगा ने इसी बीच एक नेता जी से फोन कराकर अपनी सिफारिश करा दी। इसके बाद दरोगा जी तो बच गए, लेकिन पंकज यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करके उसकी फाइल खोल दी गई। इस मामले की विभागीय जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। पंकज के खिलाफ अभी और भी कार्रवाई हो सकती है। गोपनीय सूचना लीक करने से कप्तान उससे काफी खफा हैं।
रिटायर कर्मी को आठ लाख फालतू दे दिए
बरेली। पुलिस ऑफिस की एक महिला बाबू ने रिटायर पुलिस को आठ रुपये फालतू ले दिए। विभागीय जांच में भी उनका दोष साबित हो गया है। मामले में महिला बाबू के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
रिटायर होने पर हेड कांस्टेबिल को महिला बाबू ने आठ लाख रुपये फालतू दे दिए। गलती पकड़ में आई तो विभाग के अफसरों में खलबली मच गई। किसी तरह रिटायर हेड कांस्टेबिल को बुलाकर महिला बाबू ने उससे फालतू रुपये जमा कराने की गुजारिश की। इस पर वह रुपये जमा करने के लिए राजी हो गए। शिकायत मिलने पर एसएसपी ने इस मामले की विभागीय जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरपाल सिंह को दी थी। पीलीभीत की फर्जी मुठभेड़ में जेल जाने से पहले ही इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने महिला बाबू को दोषी ठहराते हुए रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी है। इसलिए महिला बाबू के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।