Walked two and a half hours after the robbery of Meenakshi mobile
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
माधोबाड़ी में सरेराह दिन दहाड़े किराना व्यापारी सुबोध अग्रवाल के घर हुई लूटपाट का पुलिस अभी खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर उसमें से कुछ संदिग्धों को चिह्न्ति करके तलाश शुरू कर दी है। आसपास के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को उठाकर पूछताछ की जा रही है। व्यापारी की बहू मीनाक्षी का मोबाइल भी लुटेरे ले गए थे जो वारदात के ढाई घंटे बाद तक खुला हुआ था। पुलिस ने कॉल की तो रिंग भी गई लेकिन उठा नहीं। अगर उस समय मैसेज किया गया होता तो लुटेरों की लोकेशन मिल सकती थी। फोन न उठने से लोकेशन नहीं मिल सकी।
शनिवार को लूट के बाद मौके पर पहुंची खोजी डॉग डायना सुबोध के घर के पूरब वाले रास्ते से अंदर कॉलोनी में जाकर वापस लौट आई थी। डायना इस रास्ते से निकलकर अनुपम प्रेस के आगे गली में होकर दूसरी रास्ते से वापस आई थी। इससे पुलिस को लगा कि लुटेरे सुबोध अग्रवाल के घर के पूरब से अंदर जाने वालेे रास्ते से होकर ही फरार हुए हैं, इसलिए पुलिस की टीम ने अनुपम प्रेस के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। रास्ते में और भी कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस उनकी फुटेज जुटाकर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। सर्विलांस टीम लूट में गए मोबाइल के आधार पर लुटेरों तक पहुंचने की कोशिश में लगी है। पता लगा कि घटना के बाद मीनाक्षी का मोबाइल साढ़े नौ बजे तक चालू रहा। बाद में मोबाइल को बंद कर दिया। मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। सीओ सिटी प्रथम सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि घटना का खुलासे को कई बिंदुओं पर काम चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई खास क्लू नहीं मिला है।
मकान पर भूमाफियाओं की भी नजर है
बरेली। सीमा अग्रवाल की हत्या के बाद अग्रवाल फैमिली की इस बेशकीमती जमीन पर बने मकान पर भी कुछ भूमाफियाओं की नजर है। सीमा की हत्या होने के बाद उनकी बेटी की शादी हो गई। बेटा भी बाहर ही नौकरी करता है। यही हाल सुबोध अग्रवाल का है। यहां वह अपनी पत्नी सविता अग्रवाल के साथ यहां अकेले ही रहते हैं। सीमा की हत्या के बाद बमुश्किल उन्होंने घर की रौनक को बनाए रखा था। मन लगा रहने के लिए उन्होंने घर में ही दुकान खोल रखी थी। हालांकि उन्हें इसकी जरूरत ही नहीं थी। सुबोध के दोनों ही बेटे अच्छी नौकरी करते हैं। सूत्रों का कहना है कि अग्रवाल फैमिली के इस मकान पर कई भूमाफियाओं की नजर है। यह भी हो सकता है कि लूट की यह घटना इस फैमिली को डराने के लिए भी की गई हो।
हालत बिगड़ी, दिल्ली रिफर
एक्सीडेंट में घायल किराना व्यापारी सुबोध अग्रवाल की हालत बिगड़ने पर परिवार के लोग उन्हें दिल्ली रिफर कराकर चले गए हैं। इसलिए पुलिस की विवेचना भी थम सी गई है। इसके पीछे वजह यह है कि किराना व्यापारी के परिवार के पुलिस की घटना के बाद ठीक से बात ही नहीं हो पाई है।