एसडीएम सदर कोर्ट के बाबू का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में बाबू ने एक फरियादी की ओर से दी गई रिश्वत तो ले ली लेकिन दूसरे व्यक्ति की ओर से 100-100 के नोट की रिश्वत पहले तो हाथ में पकड़ ली। उसे रिकार्डिंग होने का शक हुआ तो तुरंत यह रुपये वापस कर दिए। यह वीडियो पुलिस प्रशासन और प्रेस मीडिया वाट्सएप समूह पर वायर हुआ तो डीएम ने जांच बैठा दी है। उन्होंने यह जांच एडीएम (फाइनेस) मनोज कुमार को सौंप दी है। इस बारे में एसडीएम सदर से जानकारी करनी चाही तो उनका सीयूजी नंबर स्विच आफ था।
कलक्ट्रेट स्थित विभिन्न न्यायालयों में मुकदमों की तारीख लेने के दौरान कर्मचारियों और फरियादी के बीच तारीख लेने के दौरान समान्य तौर पर सुविधा शुल्क लिया जाता रहा है। लेकिन बहस और निर्णय को लेकर मोलभाव होता रहता है। इस वीडियो में बाबू की ओर बहस के दौरान पेश होने वाली फाइल पर मनमाफिक आर्डर कराने की एवज में मोलभाव किया। एक फाइल के फरियादी से तो रकम ले ली गई। दूसरे पर उसे शक हुआ तो हाथ में पकड़ी गई यह रकम वापस कर दी।
प्रशासन ग्रुप में वीडियो के वायरल होने की जानकारी होने पर बाबू वहां से तुरंत चला गया। वहां बाबू के बारे में जानकारी करनी चाही तो स्टाफ के किसी भी व्यक्ति ने नाम तक नहीं बताया। उसी समय रुपये देने वाले व्यक्ति को धमकाकर भगा दिया। इस मामले की जांच कर रहे एडीएम (फाइनेंस) का कहना है कि वह इस समय जिले से बाहर हैं। वीडियो देखकर पता चल जाएगा कि किस बाबू ने हाथ में रिश्वत की रकम पकड़ी थी और शक होने पर तुरंत वापस कर दी गई।
‘वीडियो की सत्यता का पता कराने के साथ-साथ लिपिक की संल्पिता के बारे में एडीएम फाइनेंस से जांच कराने के आदेश कर दिए हैं। तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है, उसी रिपोर्ट के आधार पर ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।’ गौरव दयाल, डीएम