डीजीपी के निर्देश पर चलाए जा रहे वाहन चेकिंग अभियान में अब तक शाहजहांपुर पुलिस फिसड्डी साबित हुई। शुक्रवार को मीटिंग में डीआईजी आशुतोष कुमार ने शाहजहांपुर एसपी को चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए। वाहन चेकिंग में पीलीभीत जिला अव्वल रहा।
डीजीपी ने 1 से 30 अक्तूबर तक वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को डीआईजी ने रेंज के चारों कप्तानों की मीटिंग बुलाई। पूर्वाह्न 11 बजे से करीब एक घंटे चली मीटिंग में डीआईजी ने सबसे पहले वाहन चेकिंग अभियान की समीक्षा की। चेकिंग में शाहजहांपुर की स्थिति सबसे खराब पाई गई। इस पर डीआईजी ने नाराजगी जताते हुए चेकिंग तेज करने के निर्देश दिए। वाहन चेकिंग में बरेली और बदायूं की स्थिति संतोषजनक रही। मीटिंग में छह माह की लंबित विवेचनाओं को जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया। दीपावली पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने, पटाखों की दुकानों की चेकिंग करने और बगैर लाइसेंस के पटाखों की बिक्री पर नजर रखने को कहा गया। डीआईजी ने कहा कि रात में हाइवे पर नियमित चेकिंग नहीं की जा रही है। वह खुद हाइवे पर औचक चेकिंग करेंगे। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बरेली एसएसपी जोगेंद्र कुमार और शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं के एसपी मौजूद रहे।
मीटिंग में गूंजा डॉ. दीपक मर्डर केस
डीआईजी ने मीटिंग में बरेली में हुई बड़ी घटनाओं का खुलासा करने को कहा। इसमें आईवीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. दीपक मर्डर केस, नकटिया में डॉक्टर के घर व मुंशी नगर में हुई डकैती और बारादरी इलाके में हत्या व डकैती की डकैती शामिल है। इसके लिए टीमें गठित करने को कहा गया।