फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बनारस की वारदात से बरेली की जेलों में भी अलर्ट

Sun, 03 Apr 2016 01:19 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
विज्ञापन
विज्ञापन
बनारस की जेल में खाने को लेकर बवाल होने के बाद बरेली की जेलों में भी अलर्ट जारी करके पहरा बढ़ा दिया है। बवाल की संभावना यहां भी कम नहीं है। सुविधाएं कम होते ही माफिया किसी भी दिन बवाल करा सकते हैं। 
विज्ञापन

जिला जेल में 2400 बंदी है। जबकि क्षमता 1221 है। यही हाल सेंट्रल जेल का है। वहां भी क्षमता से दो गुना कैदी रहते हैं। बंदी रक्षकों का आलम यह कि मानक के मुताबिक जिला जेल में ही करीब डेढ़ सौ होने चाहिए। जबकि तैनाती सिर्फ 75 की है। यही हाल सेंट्रल जेल की है। वहां भी मानक के मुताबिक आधे ही बंदी हैं। एक आहते में करीब चार बैरक होती हैं। उनकी रखवाली करने के लिए एक बंदी रक्षक ही मिल पाता है। दोनों ही जेलों की बैरिकों में आम बंदियों के रहने की जगह नहीं है, लेकिन कुछ बैरकों में बंदी मजे ले रहे हैं। माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव और उसके साथी हाई सिक्योरिटी में रहते हैं। उनके लिए हर सुविधाएं हैं। जिला जेल में अंबेडकर नगर से आया खान मुबारक, जौनपुर के धुव्र सिंह उर्फ कुंटू, इलाहाबाद के कमल मिश्रा, मुजफ्फर नगर के विनोद गडरिया, एटा से सौरभ यादव की जेल में दादागीरी चलती है। इन लोगों की सुविधाएं बंद होते ही जेलों में बवाल होने की संभावना बनी रही है। जेल अधीक्षक दधिराम मौर्य ने बताया कि बनारस की घटना के बाद हमने अलर्ट जारी किया है। बवाल वहां होता है, जहां बंदियों के साथ न्याय नहीं होता हो। हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं है।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें