सूदखोर से तंग युवक ने घर में रखा फिनॉयल पीकर जान देने की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर घरवालों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
किला क्षेत्र के बाकरगंज निवासी राकेश कुमार का 20 वर्षीय पुत्र अंकित एक निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी है। उसने बाकरगंज में ही ब्याज पर पैसा बांटने वाले सूदखोर से 20 हजार रुपये दस परसेंट ब्याज पर लिए थे। यह पैसा उसने अपने दोस्त को उसकी मां का इलाज कराने के लिए दे दिए। तय ब्याज के उसने तीन महीने का सूदखोर को ब्याज भी दिया। चौथे महीने में पैसा न दे पाने पर सूदखोर ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। सोमवार रात सूदखोर और उसके गुर्गों ने अंकित के घर पहुंचकर हंगामा किया। विरोध करने पर गाली गलौज और मारपीट की। सूदखोर को अंकित के पिता ने किसी तरह से शांत कर दिया। उसके जाने के बाद अंकित ने घर में रखा फिनॉयल पी लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घरवाले उसे जिला अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। घरवालों ने बताया कि अभी वह अंकित का इलाज करा रहे हैं, इसके बाद इसकी शिकायत पुलिस से की जाएगी।
शहर में बिछा है सूदखोरों का जाल
शहर में नगर निगम के सफाई कर्मचारी सूदखोरंों के चंगुल में हैं। उनके अलावा जर जरदोजी, पतंग माझा, कारचोबी आदि काम में लगे परिवार भी सूदखोरों के जाल में फंसे हुए हैं। कुतुबखाना और जिला अस्पताल के आसपास ठेले लगाने वाले भी सूदखोरों से पैसा लेते हैं। इन लोगों को यदि बीस हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं तो एक साल में दो गुना रकम वसूल ली जाती है। समय से भुगतान न करने की स्थिति में उनको अपने चंगुल में फंसा लिया जाता है। यानी कि हर महीने की किश्त नहीं देंगे तो अगले महीने दो गुना ब्याज ले ली जाती है।