बरसेर। हरदासपुर गांव की बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में घुसे डकैतों ने सिर्फ सात मिनट में ऐसी दहशत फैलाई कि लोग हक्के-बक्के रह गए। हथियार बंद डकैतों से कोई भी मुचैटा लेने की भी हिम्मत नहीं जुटा सका। बैंक स्टाफ और ग्राहक जान बचाने के लिए जुबान बंद कर अपनी-अपनी जगह पर खड़े रहे।
41 हजार रुपये का कृषि कार्ड का भुगतान लेने आये किसान जगदीश शर्मा और 15 हजार रुपये निकालने आए सब्जी व्यापारी राजू मौर्य ने बताया कि डकैतों ने उन्हें गोली मारने की धमकी देकर चुप करा दिया था। बाकी डकैतों ने सहायक मैनेजर बाबूराम और चतुर्थ श्रेणी कर्मी अमर सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। ऐसे लग रहा था कि जैसे सब कुछ पहले से ही तय था। डकैत सात मिनट में ही लूटपाट कर बैंक से बाहर निकल गए। उन्होंने वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया कि बाहर किसी को पता नहीं लग पाया। डकैत नई उम्र के लड़के ही बताए जा रहे हैं। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि डकैतों को अपाचे और पलसर बाइकों पर सवार होकर रामनगर की ओर जाते तो देखा है।
चार दिन छह घरों मे चोरी और दिनदहाडे़ बैंक डकैती
बरसेर। इस इलाके में चार दिन पहले एक ही रात में छह घरों में चोरी हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में हो रहा जुआ और सट्टा घटनाओं की प्रमुख वजह है। गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों में दोपहर होते ही जुआरियों के कई फड़ लग जाते है। यहां बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, चन्दौसी फरीदपुर, नबाबगंज, बजीरगंज, बिसौलीे से जुआरी जुआ खेलने आते है। 11 जून की रात हरदासपुर मे छह घरों से लाखों की नगदी और जेवर चोरी कर लिए गए जिसका पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर सकी है।
ग्रामीण बड़ौदा बैंक में सुरक्षा प्रबंध ही नहीं
बरेली। जिले भर में कार्यरत 80 ग्रामीण बड़ौदा बैंक शाखाओं में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। गार्ड और सीसीटीवी तक नहीं है। यही वजह है कि लगातार दूर दराज बैंकिंग सेंटरों पर लूटपाट हो रही है और एटीएम लूटे जा रहे हैं। प्रबंधन ने आज तक किसी भी ग्रामीण शाखा पर सुरक्षा कर्मी तैनात नहीं किए हैं। इसका कोई बजट और योजना तक नहीं बनाई है। खातेदार भी जोखिम उठाकर बैंकिंग कर रहे हैं। प्रबंधन ने एक निजी कंपनी को सीसीटीवी लगाने का ठेका पिछले वर्ष दिया था। बताया जाता है कि कंपनी ने अब तक सिर्फ बीस शाखाओं पर ही आधे अधूरे सिस्टम लगाए हैं, लेकिन चालू एक भी नहीं हो पाया है। प्रबंधन का कहना है कि ग्रामीण शाखाओं पर सुरक्षा गार्ड नहीं लगाए जाते हैं। पीआरओ आलोक दुबे ने बताया कि सभी शाखाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं जिससे सभी गतिविधियां पर निगरानी हो सके।
महफूज नहीं हैं गांव की बैंकें
मीरगंज/आंवला। देहात में बैंकों की सुरक्षा राम भरोसे है। हरदासपुर में दिनदहाडे़ बैंक लुटने के बाद सुरक्षा के इंतजाम करने की याद आई। दुनका में बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक मिर्जापुर ब्रांच के आसपास दिन-रात में पुलिस पिकेट रहती है। लेकिन एटीएम में शाम ढलते ही ताला पड़ जाता है। इसी बैंक की दुनका ब्रांच का एटीएम तो एक घर के बाहरी हिस्से में चल रहा है। यह भी शाम होते ही बंद हो जाता है। बैंक ऑफ बड़ौदा की सहोड़ा शाखा का एटीएम लुटेरे 27 मई 2015 को काट ले गए थे, तब से दूसरा नहीं लग पाया है।
सपा सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद: धर्मपाल
सिरौली। भाजपा विधायक धर्मपाल सिंह नेे कहा कि सपा सरकार अपराधियों को खुला संरक्षण दे रही है। यही वजह है कि बैंक लूट और डकैती हो रही है। तीन दिन पहले इसी गांव के छह घरों में लाखों रुपये की लूट हुई, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नही लिखी गई। पुलिस अधिकारियों की सरेआम हत्या हो रही है। प्रदेश में अब तक एक हजार 57 पुलिस कर्मियों पर हमला हुआ लेकिन सपा सरकार फिर भी कानून व्यवस्था सही बता रही है।