Trying to climb into the moving train was cut Accountant
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
कार्यालय में काम निपटाकर घर जाने के लिए शाहजहांपुर जा रहे चकबंदी लेखपाल की चलती ट्रेन में चढ़ते समय कटकर मौत हो गई। पांच महीने पहले ही उनकी नौकरी लगी थी और वह रोजाना घर से आते-जाते थे। हादसे की खबर से लेखपाल के परिवार में कोहराम मच गया। तहसीलदार, चकबंदी अधिकारी और पुलिस पीतांबरपुर स्टेशन पर पहुंच गए।
फरीदपुर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के पास चकबंदी कार्यालय है। बुधवार शाम करीब चार बजे फरीदपुर सर्किल में तैनात चकबंदी लेखपाल 24 वर्षीय मोहित पाल सिंह निवासी मोहल्ला हुसैनपुर, शाहजहांपुर, पितांबरपुर रेलवे स्टेशन के लिए निकले, लेकिन रास्ते में स्टाफ के लोगों के साथ चाय पीने के लिए रुक गए। इसी बीच बरेली-बनारस पैसेंजर पहुंचने का समय नजदीक देख जल्दबाजी में निकल पड़े। 4.20 पर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर आ गई। जब तक मोहित पहुंचे ट्रेन चल चुकी थी। प्लेटफार्म पर लोहे की रेलिंग लगाई गई है। इसी के बीच से निकलकर मोहित चलती ट्रेन में चढ़ने लगे। उन्होंने ट्रेन के पायदान पर पैर रखा तो फिसल गए। वह प्लेटफार्म और पायदान के बीच फंसकर करीब पचास मीटर तक घिसटते चले गए। उनके दोनों पैर कट गए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ ही देर में तड़प-तड़पकर मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना ट्रेन के गार्ड ने पितांबरपुर रेलवे स्टेशन पर दी।
पांच महीने पहले ही मिली थी नौकरी
मोहित की नौकरी पांच महीने पहले ही लगी थी। आठ अक्तूबर को फरीदपुर में पहला चार्ज मिला था। उनकी शादी नहीं हुई थी। उसके पिता अशोक पाल भी राजस्व विभाग में संग्रह अमीन हैं। घटना की सूचना मिलते ही चकबंदी अधिकारी सीएस विमल, तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी मौके पर पहुंच गए। मामला प्लेटफार्म का होने के कारण जीआरपी को बुलाया गया।