बरेली। त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा के लिहाज से ट्यूलिप ग्रैंड में घुसकर भागे कश्मीरियों के बारे में खुफिया एजेंसियां पता लगाने में लगी हैं। एटीएस ने कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों से भी उनके संबंध में इनपुट मांगा है। आईबी और सेना इंटेलीजेंस भी संदिग्ध कश्मीरियों के बारे में चुपचाप छानबीन करने में लगी है। संदिग्धों ने आवासीय कॉम्पलेक्स में एंट्री करते समय जो मोबाइल नंबर सुरक्षा गार्ड को नोट कराया था, वह भी फर्जी निकला।
रविवार की सुबह ट्यूलिप ग्रैंड के फ्लैट नंबर 302 में जाने के बहाने घुसी तीन कश्मीरी लड़कियों और दो लड़कों की तलाश अभी पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि कश्मीरी इमदाद मांगने ट्यूलिप ग्रैंड में गए थे। वहां से घबराकर भागने के बाद वह अपने घरों को चले गए। जिन दो लड़कियों ने अपनी आईडी ट्यूलिप ग्रैंड के सुरक्षा गार्ड को दी उनकी तस्दीक कराने का भी पुलिस दावा कर रही है, लेकिन उनके साथियों के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। कश्मीरियों ने जो नंबर सुरक्षा गार्ड को नोट कराया था, वह फर्जी निकला। इससे खुफिया एजेंसी का कश्मीरियों को लेकर संदेह और बढ़ गया। एसओ सतेंद्र यादव ने बताया कि कश्मीरियों का पता लगाने के लिए उन्होंने ट्यूलिप ग्रैंड के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी है। फुटेज मिलने के बाद उनके बारे में कुछ और जानकारियां मिल सकती है।