नशेड़ी पत्नी के षड़यंत्र से बेची गई बबिता शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे सुभाषनगर के गणेशनगर में अपने मायके पहुंच गई। डरी सहमी बच्ची को सीने से लपेटकर बैठी बबिता ने जो आपबीती बताई उससे हर कोई सन्न रह गया। उसने कहा कि उसे शादी में जाने के बहाने ले जाकर बेचा गया। खरीदने वाले उसे एक होटल में ले गए। जब वह अपनी बच्ची के नाम पर गिड़गिड़ाई तो ये लोग पसीज गए और उसे आगरा में बस में बैठा कर लौट गए।
बबिता ने बताया कि उसका पति प्रदीप करीब पंद्रह दिन पहले उसे रुद्रपुर ले गया। यहां उसका भाई सोनू मिला। जिसके यहां वह पंद्रह दिन रही। प्रदीप ने सोनू और उसकी पत्नी सुमन के साथ कहीं शादी में चलने की बात कही। सात दिसंबर को रात में सोनू, सुमन और सोनू के घर आने वाली महिला पुष्पा उसे शादी में ले जाने के बहाने से रुद्रपुर स्टेशन ले गए। उसने प्रदीप से चलने को कहा तो उसने कहा कि वह बेटी को लेकर बाद में आ जाएगा। बबिता ने बताया कि रातभर चलने के बाद सुबह वह कहां पहुंची, इसका पता ही नहीं। स्टेशन पर उतरने के बाद तीनों लोग उसे एक ऑटो में बैठाकर किसी बड़े घर में ले गए। रात भर जागने के कारण वह सो गई। इसके बाद उसे कहां ले जाया गया, यह भी पता नहीं चला। जब उसकी आंख खुली तो वह कमरे में अकेली थी और बाहर से दरवाजा भी बंद था। दरवाजा खुला तो चार लोग राजस्थानी भाषा में बातचीत कर रहे थे। बबिता के मुताबिक उन्होेंने कहा कि उसे खरीद लिया गया है और उसे उनसे शादी करनी होगी। बबिता के अनुसार वह रोने लगी। खुद को शादीशुदा और तीन साल की बेटी की मां की बात बताकर शादी करने से इनकार कर दिया। बबिता ने बताया कि वे लोग लगातार शादी का दबाव बनाते रहे। चौथी मंजिल पर स्थित कमरे में पांच दिन बंधक रखकर उसे रोटी और मट्ठा ही दिया गया। उसके गिड़गिड़ाने पर दो लोग ऑटो से उसे बृहस्पतिवार शाम चार बजे आगरा स्टेशन पर लेकर आए और बस में बैठाकर चले गए। उसने बस वाले से बरेली में गन्ना मिल के सामने उतराने की बात कही। सुबह चार बजे वह बरेली पहुंची।
मोटी रकम के लालच में पत्नियों की कराई थी फर्जी शादी
बरेली और रुद्रपुर के ममेरे भाइयों द्वारा पत्नियों को बेचने के मामले में युवकों का पत्नियों की फर्जी शादी करा कर मोटी रकम कमाने का नया खुलासा हुआ है। मामले में मथुरा की भी एक महिला दलाल के शामिल होने की बात कही जा रही है। शादी के बाद दोनों युवतियों का 16 दिसंबर को वापस घर आना तय था। एक युवती घर पहुंच गई लेकिन दूसरी का कोई पता नहीं है। फिलहाल पुलिस ने घर वापस आई महिला के पिता की तहरीर पर युवकों सहित पकड़ी गई महिला दलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बरेली और रुद्रपुर की युवतियों को बेचे जाने के मामले में शुक्रवार को आरोपी ममेरे भाइयों ने नया खुलासा किया है। युवकों के अनुसार उन्होंने महिला दलालों के साथ मिलकर पत्नियों की फर्जी शादी करने के एवज में मोटी रकम ली थी। दलालों में रुद्रपुर की महिला पुष्पा, फिरोजाबाद की गुड़िया के साथ ही मथुरा की आशा शामिल हैं। पकड़े गए युवक दुधियानगर निवासी सोनू ने बताया कि उसकी पत्नी निशा की जान पहचान ट्रांजिट कैंप निवासी पुष्पा से थी। पुष्पा ने ही निशा को फर्जी शादी कर मोटी रकम कमाने का झांसा देकर फिरोजाबाद निवासी गुड़िया से बात की और गुड़िया ने मथुरा निवासी आशा से दोनों युवतियों का 85 हजार में सौदा तय किया। उसके बाद सोनू की पत्नी ने उसे दोस्तों से लिया हुआ कर्जा वापस लौटाने के लिए दलालों से मिले 35 हजार रुपए दिए। उसने 16 दिसंबर को घर वापस आ जाने की बात कही और यही बात बबीता ने भी अपने परिजनों से कही। बबीता के पिता का भी यही कहना था कि जब उन्होंने रुद्रपुर पहुंचकर सोनू और उसके परिजनों से बेटी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा था कि 16 दिसंबर तक बबीता घर लौट आएगी। इसकी पुष्टि 16 दिसंबर की सुबह बबीता के घर पहुंचने से हो भी गई। बताया जा रहा है कि सोनू पुष्पा के साथ दोनों युवतियों को लेकर फिरोजाबाद पहुंचा जहां पर उसे चूड़ी कारोबारी गुड़िया और मथुरा की आशा मिली और वहीं पर दलालों ने दोनों युवतियों को सौदे की रकम दी। इसके बाद सोनू वापस आ गया। 12 दिसंबर को फोन पर उसकी पत्नी निशा ने बताया कि उन्होंने फर्जी शादी कर ली है और 16 दिसंबर को घर लौटने के लिए वह उन्हें बुला लेंगे। इसी बीच बबीता के पिता राम कुमार को मामले की भनक लग गई और उनके राज से पर्दा उठता चला गया। फिलहाल पुलिस ने बबीता के पिता की तहरीर के आधार पर प्रदीप, सोनू और पुष्पा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आखिर कौन चला रहा है फर्जी शादी कराने का रैकेट
रुद्रपुर। ममेरे भाइयों द्वारा दलालों के साथ मिलकर अपनी पत्नियों की फर्जी शादी कराने के मामले में अभी तक बरेली पुलिस के साथ ही रुद्रपुर की पुलिस भी स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आखिर युवतियों को बेचा गया है या फिर युवतियां फर्जी शादी कर मोटी रकम कमाने के धंधे से जुड़ी थी। शुरुआत में जहां बरेली पुलिस इस बात का अंदेशा जता रही थी कि युवतियों को उनके पतियों द्वारा बेचा गया है वहीं रुद्रपुर में इस बात की जानकारी मिली कि पूरी घटना के पीछे युवतियों की फर्जी शादी करा कर मोटी रकम कमाई गई थी। इसमें युवतियों की सहमति होने के साथ ही पतियों की भी रजामंदी थी। फर्जी शादी कराने के रैकेट को रुद्रपुर से पुष्पा, फिरोजाबाद से गुड़िया या फिर मथुरा से आशा चला रही थी। यह भी पुलिस के लिए अनसुलझी पहेली है।
कहीं लुटेरी दुल्हन तो नहीं बबीता और निशा
रुद्रपुर। ममेरे भाइयों द्वारा अपनी पत्नियों को बेचे जाने के मामले में नया मोड़ आने से इस बात का अंदेशा भी लगाया जा रहा है कि कहीं बबीता और निशा लुटेरी दुल्हन तो नहीं हैं। जानकारी के अनुसार फर्जी शादी करने का सौदा 85 हजार रुपए में तय हुआ था। इसमें से निशा और बबीता को 35-35 हजार रुपये मिले जबकि 15 हजार रुद्रपुर की पुष्पा को दिए गए। ऐसे में गुड़िया और आशा के हिस्से में क्या आया। क्या वो मुफ्त में दलाली कर रही थी या फिर शादी के बाद बबीता और निशा को अपने फर्जी पतियों के घर में डाका डालकर उन्हें मोटा माल देना था।