एक साल से बहन के घर रह रही महिला को उसके ससुराल वालों ने सोमवार को कचहरी से अगवा करने की कोशिश की। विरोध करने पर उसे सरेआम पीटा गया। जिससे हंगामा हो गया और भीड़ भाड़ अधिक होने से अफरातफरी मच गई। इसी बीच महिला ने अपने रिश्तेदारों को बुलाया तो ससुराल पक्ष के लोग खिसक लिए।
भुता थाना क्षेत्र के गांव गजनेरा निवासी 28 साल की रोशनी की शादी आठ साल पहले शाहजहांपुर के पचद्योरा गांव के सचिन शर्मा के साथ हुई थी। रोशनी के मुताबिक उस समय उसके पति दिल्ली में नौकरी करते थे। ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। वह किसी तरह बर्दाश्त करती रही। करीब डेढ़ साल पहले उसके बेटा हुआ। वह बीमार पड़ा तो पति उसे देखने नहीं आए। इलाज के अभाव में बेटे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। पिता गरीब हैं इसलिए वह बिथरीचैनपुर में एक साल से अपनी छोटी बहन के घर गुजारा कर रही है। ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला बरेली न्यायालय में चल रहा है। सोमवार को रोशनी अपनी छोटी बहन, बहनोई समेत अन्य रिश्तेदारों के साथ मुकदमे की तारीख पर कचहरी आई थी। आरोप है कि पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे रोशनी के पति सचिन, ससुर नत्थू, देवर रुचिन, नंदोई सोनू और मौसेरे देवर विजय समेत 15 लोग अचानक उसके पास आकर मारपीट करने लगे और जबरन उसे उठाकर ले जाने की कोशिश की। इससे कचहरी में भीड़ जमा हो गई। महिला ने फोन करके अपने रिश्तेदारों को बुलवाया। बीच-बचाव के बाद ससुराल वाले चले गए। पीड़िता ने कोतवाली में पति, ससुर, देवर, ननद मौसेरे देवर समेत 15 लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।