मनपुरिया दलेल गांव में हुई एक घटना ने सभी को हैरत में डाल दिया है। सुबह मजदूर कदीरउद्दीन का परिवार जब सोकर उठा तो बिस्तर से नौ साल की बच्ची गायब थी। आंगन में कदीरउद्दीन की पैंट पड़ी थी, जिसमें रखे 600 रुपये गायब थे। एक टार्च भी नहीं मिल रहा है। घर वाले कह रहे हैं कि चोर ही बच्ची को उठा ले गए लेकिन इसके पीछे मकसद किसी के समझ में नहीं आ रहा। पुलिस ने फिलहाल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
रविवार की रात को थाना बिथरी चैनपुर के मनपुरिया दलेल गांव के मजदूर कदीरउद्दीन घर की छत पर सो रहे थे। आंगन में उनकी पत्नी अफसाना, बड़ी बेटी नूरेशमा, उससे छोटी बेटी नूर निशां, लड़का साकिब और आकिब और सबसे छोटी नौ साल की बेटी कोहिनूर सोए थे। सोमवार को सुबह छह बजे सभी लोग उठे तो कोहिनूर गायब थी। कदीरउ्ददीन ने बताया कि पहले तो उन्होंने यह सोचा कि वह कहीं बाहर निकल गई होगी, लेकिन काफी देर तक उसका पता नहीं लगा तो उन्होंने आसपास में उसकी तलाश शुरू की। कदीरउद्दीन की पैंट आंगन में पड़ी थी। उसने जब जेब देखी तो 600 रुपये गायब थे। कदीरउद्दीन सब्जी का काम करते हैं। सब्जी बेचकर ही उन्हें यह रुपये मिले थे। एक टार्च भी नहीं मिल रही है। मस्जिद में कोहिनूर की तलाश के लिए एलान कराया गया। मस्जिद से हुए एलान में बताया गया कि कोहिनूर गुलाबी सलवार गुलाबी कुर्ता पहने है। उसकी नाक में सोने की लौंग भी है। ग्रामीणों की मदद से कदीरउद्दीन ने कोहिनूर को गांव में तलाश किया, लेकिन उसका सुराग नहीं मिल पाया। सूचना पर एसओ कमल सिंह यादव ने पुलिस कर्मियों से गांव के पड़ोस की नहर में बच्ची की तलाश कराई, लेकिन उसका पता नहीं लग पाया। एसओ ने बताया कि पिता की तहरीर पर कोहिनूर के अगवा होने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बच्ची के बारे में जानकारी कराई जा रही है, लेकिन अभी तक उसके बारे में पता नहीं लग पा रहा है।
ग्रामीण हैरान
बच्ची के अचानक गायब होने से ग्रामीण हैरान हैं। इस बात का अभी तक पता नहीं लग पा रहा है कि बच्ची को उठाकर ले जाने के प्रति बदमाशों का मकसद क्या है। बच्ची के पिता कदीरउद्दीन की माली हालत भी अच्छी नहीं है। इसलिए फिरौती के लिए अपहरण की बात भी समझ नहीं आ रही है। पुलिस के मुताबिक कदीरउद्दीन की किसी से दुश्मनी भी नहीं है। डांट फटकार जैसी भी कोई बात नहीं हुई।