खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए जिला प्रशासन की सख्ती के बाद स्थानीय अफसर हरकत में जरूर आए मगर अभियान चलाने के नाम पर फिर खानापूरी हुई। वन विभाग और नगर पालिका की टीमें दो चार घंटे गांवों में बीताकर तहसील मुख्यालय आ गई और एसडीएम को कुत्ते नहीं दिखाई देने की रिपोर्ट दे दी। जबकि खूंखार कुत्तों ने बृहस्पतिवार को दो अलग गांवों में एक शिक्षक और सांड़ पर हमला कर दिया। वन विभाग के डिप्टी रेंजर गोविंद राम और नगर पालिका के स्वास्थ्य निरीक्षक आरके यादव टीम के साथ सुबह साढ़े दस बजे उनई, नौगंवा गुरभोज, मकसूदनपुर, गुरसौली और नरायन नगला गांव पहुंचे। दो बजे टीम एसडीएम बंगले में लौट आई। टीम के सदस्यों ने एक भी कुत्ता नहीं दिखाई देने की बात कह दी। इसके तुरंत बाद गुरसौली के जंगल में सांड़ पर हमला करने की सूचना आ गई। आवारा कुत्तों ने उसके शरीर पर कई जगह नुकीले दांत मारकर घायल कर दिया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने उसे बचाया और ट्राली में डालकर गांव तक लाए। फोन करने के बाद भी पशु चिकित्सा विभाग से कोई नहीं पहुंचा। प्रधान उमाकांत ने इसकी सूचना एसडीएम को दी। इससे पहले सुबह करीब नौ बजे गुलड़िया भवानी गांव के मास्टर मिथुन राय पर भी कुत्तों ने हमला बोल दिया। वह बहेड़ी आ रहे थे। टांडाछंगा की पुलिया के पास करीब आधा दर्जन आवारा कुतों ने उनकी बाइक को घेरकर हमला कर दिया। गुरुद्वारे से निकल रही सिख संगत ने उन्हें सीएचसी किच्छा भेजा।
कुत्ते टीम को देखकर दुम दबाकर भाग गए...
वन विभाग और नगर पालिका की टीमों ने जब एसडीएम से कुत्ते हाथ नहीं आने की बात कही तो उन्होंने ठहाका लेते हुए कहा कि लगता है सारे कुत्ते टीम को देखकर दुम दबाकर भाग गए हैं। यह सुनकर अन्य कर्मचारी भी ठहका लगाने लगे। एसडीएम ने टीम से कहा कि अभियान चलाते रहो। काम दिखना चाहिए। डीएम और एडीएम रोजाना टीम के काम का ब्योरा मांगते हैं।
नगर पालिका ने मुनादी कराई
नगर पालिका ने नगर में मुनादी कर एलान कराया कि जिन पालतू कुत्तों की प्रवृत्ति हिंसक नहीं है उन्हें घरों में बंद रखा जाए। प्रशासन की टीम मोहल्लो में जाकर खूंखार और आवारा कुत्तों को पकड़ेगी। पशुओं के अवशेषों को इधर-उधर न फेंकने पर भी जुर्माना ठोका जाएगा। उधर, पालिका के चेयरमैन अंजुम रशीद सभासदों के साथ सकलैनी नगर के मासूम मोहम्मद आमिर के घर पहुंचे और घर वालों को बीस हजार रुपये की मदद दी।
तीन दिन में बताओ मीट की अवैध दुकानों के नाम
एडीएम प्रशासन के आदेश के बाद एसडीएम ने नगर पालिका से अवैध स्लाटर हाउस चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने ईओ आरआर अंब्रेश से कहा कि तीन दिन के अंदर बगैर लाइसेंस के मीट की दुकान चलाने वालों की लिस्ट तैयार कर जुर्माना लगाया जाय और कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस से कहा गया है कि अवैध रूप से घरों में चल रहे स्लाटर हाउस बंद कराए जाएं। छापामार कार्रवाई की रिपोर्ट भी देने को कहा गया है। मीट का करोबार करने वालों की दो दिन बाद थाने में बैठक भी बुलाई गई है।
मीट मार्केट पर तो कब्जे हो गए
बहेड़ी। नगर पालिका ने तीस साल पहले कुरैशी समाज के लिए नई बस्ती लाईन पार मोहल्ले के पास मीट मार्केट बनाया था। इसमें 90 दुकानें बनाई गई थी। मंशा थी कि शहर को प्रदूषण मुक्त रखा जाए। लेकिन यहां एक दिन भी गोश्त की बिक्री नहीं हुई। अब लोगों ने इस मार्केट में कब्जे कर लिए हैं। नगर पालिका इन कब्जों को छुड़ा नहीं पा रही है।
ये है ग्रामीणों अंचलों का हाल
रिछा : यहां मीट की करीब 40 दुकानें चल रहीं हैं लेकिन लाइसेंस एक के भी पास नहीं है। सारा करोबार अवैध रूप से चल रहा है। ईओ मुकेश मिश्रा का कहना है कि कई बार कुरैशी समाज के लोगों को लाइसेंस बनाने के लिए कहा गया लेकिन किसी ने नहीं सुनी। ये लोग मांस के अवशेष दुकान के बाहर फेंक देते हैं या फिर कस्बे के बाहर रिछा-पीलीभीत मार्ग के किनारे डाल देते हैं।
देवरनियां : नगर पंचायत एरिया में करीब एक दर्जन मीट की दुकानें हैं मगर लाइसेंस सिर्फ छह के ही पास है। ईओ राजेश सक्सेना से जब इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने शुक्रवार से अभियान चलाने की बात कही। कहा कि बिना लाइसेंस वालों पर जुर्माना ठोका जाएगा।
शेगरढ़ : यहां छह दुकानें अवैध रूप से चल रहीं हैं लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने कभी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
फरीदपुर टाउन एरिया : नगर पंचायत क्षेत्र में करीब बीस दुकानों में अवैध रूप से मीट की बेचा जा रहा है। नगर पंचायत के चेयरमैन मोहम्मद कामिल ने इस बारे में चुप्पी साध ली। यहां सबसे ज्यादा अवैध स्लाटर हाउस चल रहे हैं।
आवारा कुत्तों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी गई है। इसे शुक्रवार से और तेज किया जाएगा। जिला पंचायत से भी टीमें आ रहीं हैं। नगर में बगैर लाइसेंस के मांस बेचने वालों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के आदेश नगर पालिका को दिए हैं। अवैध रूप से चला रहे स्लाटर हाउसों पर छापे मारे जाएंगे।
-पारस नाथ मौर्या, एसडीएम