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बंदूक समेत लापता बुजुर्ग का कंकाल मिला, हुई थी हत्या

Sat, 15 Apr 2017 01:24 AM IST
बरेली।  
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The skeleton of the missing elderly, including gun, was found in the murder - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मुड़िया अहमद नगर गांव में गेंहू के खेत से बंदूक लेकर 15 दिन पहले लापता हुए 67 वर्षीय बुजुर्ग जगदीश सिंह का नर कंकाल बरामद हुआ है। शर्ट की जेब से बरामद आधार कार्ड, शस्त्र लाइसेंस के जरिए थाना क्योलड़िया के जवदा जवैदी निवासी जगदीश की शिनाख्त हुई। पोस्टमार्ट रिपोर्ट के मुताबिक उसके सिर की हड्डी टूटी मिली है। माना जा रहा है कि किसी भारी चीज से प्रहार कर जगदीश की हत्या की गई है। कंकाल के पास ही बंदूक पड़ी मिली है इसलिए पुलिस का मानना है कि लूट के लिए हत्या नहीं हुई बल्कि रंजिशन किसी ने वारदात को अंजाम दिया है। हड्डियों को डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। 
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गेहूं की कटाई के लिए पहुंचे मजदूरों ने सबसे पहले खेत में नर कंकाल देखा था और पुलिस को सूचना दी। लाइसेंस पर मिले मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने जगदीश के बेटे रामपाल को कंकाल मिलने की जानकारी दी। रामपाल ने बताया कि बीती 31 मार्च को वह अपने पिता के साथ स्टेशन रोड के नारायण गन हाउस पहुंचे थे। चुनाव के वक्त लाइसेंसी सिंगल बैरल की बंदूक को गन हाउस में जमा करवाया गया था। बंदूक को रिलीज करवाकर दोनों अयूब खां तक करीब 12.30 बजे पहुंचे। रामपाल के अनुसार पिता रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर आटो में बैठ गए थे। रामपाल 3.30 बजे तक घर पहुंचा था। रामपाल के अनुसार दो दिन तक परिवार समझता रहा कि जगदीश रिश्तेदारी मेें हैं। उनके वापस नहीं लौटने पर रामपाल ने रिश्तेदारी में जानकारी करना शुरू किया। रिश्तेदारों के मना करने पर रामपाल ने 11 अप्रैल को कोतवाली में जगदीश की गुमशुदगी की तहरीर सौंपी थी। इज्जतर नगर इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने बताया कि रंजिशन हत्या किया जाना लग रहा है। जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा। 

सिंगल बैरल बंदूक और धोती में बंधे कारतूस मिले 
क्षत विक्षत हो चुके शव से कुछ दूरी पर सिंगल बैरल की बंदूक पड़ी मिली। कुछ दूरी पर एक धोती थी। जो शव पर रही होगी। जानवरों ने शव को नोच डाला था। पुलिस ने धोती को जांचा तो तीन कारतूस बंधे हुए मिले। 
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12 साल से क्योलड़िया में बसे, 45 बीघा है खेती 
जगदीश का परिवार मूलरूप से हरियाणा का रहने वाला है। उनके भाई नरेश सिंह और दलपत सिंह हरियाणा में रहते हैं। करीब 12 साल पहले जगदीश अपनी जमीन बेचकर क्योलड़िया में अपनी पत्नी भवानी और बेटे रामपाल, रोशन सिंह और शीशा सिंह के आकर बस गए थे। कुछ साल पहले बीमारी की वजह से रोशन सिंह की मौत हो चुकी है। क्योलड़िया में परिवार के पास करीब 45 बीघा खेती है।

वारदात में नजदीकी का हाथ 
क्योलड़िया जाने वाला शख्स मुड़िया अहमदनगर कैसे पहुंचा। परिस्थितियां देखकर आशंका जाहिर की जा रही हैं कि जगदीश को किसी ने मारा है और मारने वाले में कोई नजदीकी व्यक्ति शामिल है। पोस्टमार्टम हाउस पर रामपाल ने आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या की गई है। लेकिन उसने किसी पर हत्या का आरोप नहीं लगाया है। लूट के लिए हत्या की थ्योरी शव के कपड़ों से रुपयों की बरामदगी के बाद खत्म हो गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।  
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