लंबे अर्से बाद त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा को लेकर फिर से कवायद तेज हो गई है। इस बारे में एयरफोर्स में चार अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे त्रिशूल परिसर में बैठक बुलाई है। इसमें पुराने मामलों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह भी समीक्षा होगी कि पूर्व में लिए गए निर्णय पर अब तक क्या कार्रवाई की गई। स्वतंत्रता दिवस से 11 दिन पहले बुलाई गई इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन महीने पहले त्रिशूल की सुरक्षा को लेकर लिए गए निर्णयों पर अमल नहीं हुआ है। बीडीए और नगर निगम की रिपोर्ट के आधार पर 50 मीटर की परिधि में बने 900 से अधिक अवैध भवनों के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी। इस मामले में अफसरों की ओर से अभी तक कोई प्रयास नहीं हुआ है। रिंग रोड के लिए 46 करोड़ रुपये से जमीन खरीदने का प्रस्ताव भी सेना मुख्यालय को नहीं भेजा जा सका है। इस प्रस्ताव को विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के यहां अधिकारी अंतिम रूप देने में लगे हैं।
जिला पंचायत को प्रतिबंधित क्षेत्र के भट्ठों के लाइसेंस निरस्त करने थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने आसपास के घरों में रहने वाले परिवार और वहां के किराएदारों की सूची भी नहीं बनाई है। त्रिशूल के बाहरी इलाकों के मुड़िया अहमदनगर, कंजादासपुर, करमपुर चौधरी आदि 12 गांवों में गंदगी हटाने की जिम्मेदारी नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसका समाधान नहीं हुआ है।
प्रस्तावित बैठक में एयरफोर्स और सेना के अधिकारियों के अलावा डीएम, एसएसपी, एडीएम सिटी, नगर आयुक्त, बीडीए उपाध्यक्ष, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, डीपीआरओ, सीएमओ, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, नगर स्वास्थ्य अधिकारी तथा आसपास के ग्रामों के प्रधान भी शामिल होंगे।