नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले जालसाज को पीड़ित पक्ष ने पुलिस की मदद से दबोच लिया। प्रेमनगर थाने में हुई पंचायत के बाद आरोपी रुपये लौटाने को सहमत हो गया, इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
रामपुर जिले के मिलक निवासी हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार शर्मा के दो बेटे यहां चाहबाई में रहकर पढ़ाई करते हैं। उनका बेटा शिवम शर्मा बरेली कॉलेज का छात्र है। दिलीप के मुताबिक करीब साल भर पहले उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जो स्टेशन रोड पर एक प्राइवेट कंपनी के दफ्तर में बतौर चीफ एडिटर बैठता था। उसने उनके बेटे शिवम शर्मा को एफसीआई में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। कहा कि इसके लिए तीन लाख रुपये खर्च करने होंगे। सरकारी नौकरी मिलने की सुनकर दिलीप शर्मा को लालच आ गया और उन्होंने तीन लाख रुपये दे दिए। इसके बाद जालसाज ने टालना शुरू कर दिया और फिर गायब हो गया। शनिवार रात जालसाज बिहारीपुर में अपने किसी परिचित के घर गया था। तभी उसे उधर से गुजर रहे दिलीप के बेटे शिवम ने देख लिया। उन्होंने इसकी जानकारी बिहारीपुर चौकी जाकर इंचार्ज एसपी सिंह को दी। उन्होंने दबिश देकर जालसाज को दबोच लिया। चूंकि रुपयों का लेनदेन प्रेमनगर इलाके के चाहबाई मोहल्ले में हुआ था, जिससे मामला प्रेमनगर थाने भेज दिया गया। जहां दोनों पक्षों के बीच घंटों पंचायत चली। इस दौरान जालसाज रुपये लौटाने को राजी हो गया और उसने तीन लाख का चेक दिलीप को दे दिया। इसके बाद बगैर लिखा पढ़ी के दोनों पक्ष अपने घर चले गए।