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एक-दूसरे को बचाने में गईं तीन जानें

Fri, 13 Jan 2017 01:30 AM IST
बरेली
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ACCIDENT
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मसीत गांव में जादौंपुर सेंथल रोड पर रहने वाले चंद्रपाल राजपूत के परिवार के लिए बृहस्पतिवार काला दिन साबित हुआ। नल सही करते समय एक-दूसरे की जान बचाने के चक्कर में हाईटेंशन करंट से चंद्रपाल उनकी पत्नी और बेटी की सांसें थम गईं। इस दिन दहलाने वाले हादसे से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। जिसने भी यह मंजर देखा उसके आंसू नहीं रुक पाए। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों की भी पलकें गीली हो गईं। 
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चंद्रपाल इकलौते बेटे अनिल व उसकी पत्नी के साथ रुद्रपुर(उत्तराखंड) में थे। अनिल खुद घर नहीं आया था। उसने पिता चंद्रपाल को ही भेज दिया था। दोनों रुद्रपुर में एक फैक्ट्री में नौकरी करता थे। अनिल के मुताबिक चार दिनों से उसकी माता नल खराब होने की बात क रके बुला रही थीं। पूरा घर पानी के लिए परेशान थे। चंद्रपाल ने घर से रोशनदान की मदद से नल में गिरे वाशर को निकालने की कोशिश की तो परेशानी में यह भूल गए कि छत के ऊपर से हाईटेंशन लाइन भी गुजरती है। यही तार चंद्रपाल के लिए मौत बनकर आया। डालते समय ही तार छत से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। करंट लगते ही चंद्रपाल की एक चीख निकली और शांत हो गए। पत्नी मीना ने जैसे ही चंद्रपाल को छुआ तो वह चीख के साथ उन्हीं से चिपकी रह गईं। बेटी चित्रवती ने मां को पकड़ा तो उसकी भी करंट ने जान ले ली। आसपास के लोगों को बचाने तक मौका नहीं मिल पाया। चंद्रपाल की छोटी बेटी क्रांति बुरी तरह झुलस गई, लेकिन उसकी जान भी खतरे में है। एक ही परिवार में तीन मौतें होने से गांव में मातम छा गया है। चंद्रपाल के परिवार में बेटा अनिल और बहू और विवाहित बेटी माहेश्वरी ही बची है। क्रांति की जिंदगी के बारे में अभी कहा नहीं जा सकता है। रिश्तेदार घटना की खबर लगते ही घर इकट्ठा हो गए। चीत्कारों से समूचा गांव दहल उठा। गांव में जल्द ही खाना खा लिया जाता है। मीना और उनकी बेटी खाना बना रही थी। घर का कोई सदस्य खाना भी नहीं खा पाया था।

आज होगा तीनों शवों का अंतिम संस्कार
-चंद्रपाल उनकी पत्नी और बेटी के शवों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पोस्टमार्टम होने के बाद होगा। प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र कुमार तोमर ने बताया कि पंचनामा भरने में देर होने की वजह से शवों को पोस्टमार्टम भिजवाने में देर हो गई थी। चंद्रपाल का बेटा अनिल देर शाम घर पहुंच गया है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होने के बाद शवों का अंतिम संस्कार होगा।  
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