बदमाशों ने प्रेम प्रसंग के चलते घर में घुसने के बाद एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी और मृतक का शव डॉ. चंद्रसेन गंगवार के गन्ने के खेत में फेंककर भाग गए। मृतक की मुंहबोली भाभी दो दिन घटना को दबाए रही। दो दिन बाद जो कहानी समझाई गई, उस पर पुलिस भरोसा नहीं कर पा रही। भाभी और उसके दूसरे प्रेमी को केंद्रबिंदु मानकर पुलिस जांच में जुटी है।
गांव जालिमनगला निवासी रामधुन (46) घर में अविवाहित बेटे सुमित (21) के साथ रहता था। बेटा दो नवंबर को ननिहाल टांडा थाना सिरौली चला गया था। शनिवार को रामधुन घर मे अकेला सो रहा था। रात में हत्यारे लज्जावती को उसके घर से जगाकर रामधुन के घर लाये। लज्जावती के अनुसार दरवाजा खुला था। हत्यारे उसके सामने घर मे घुस गये और रात एक बजे पेट और छाती में गोली मारकर रामधुन की हत्या कर दी। लज्जावती का कहना है कि एक हत्यारे ने तमंचे के बल पर घर मे उसे कैद कर लिया था। शव को उठाकर गन्ने के खेत मे फेंककर चले गए और उसे जुबान न खोलने की धमकी दे गए जिसकी वजह से वह चुप रही। पुलिस को हत्या की खबर घटना के दो दिन बाद सोमवार को अपराह्न तीन बजे मिली। मृतक का छोटा पुत्र सुमित ननिहाल से रविवार को लौटा। उसे गांव के कढ़ेराम, ताऊ अंगनलाल और लज्जावती ने पिता की हत्या होने की बात बताई। बेटा लज्जावती को लेकर थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। एसपी ग्रामीण यमुना प्रसाद, सीओ इंदु प्रभा सिंह और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस बेटे की तहरीर पर सत्यपाल (शिक्षक) चंद्रपाल और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या कर शव गायब करने का मामला दर्ज किया है।
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नाराज रहते थे बेटे
रामधुन की आदतों से उसके दोनों बेटे नाराज रहते थे। बड़ा बेटा ननिहाल में नाना चुन्नालाल के पास रहता है। घर वालों के अनुसार रामधुन खेती और मेहनत मजदूरी से जो पैसा कमाता था, उसे शराब में उड़ा देता था।अब तक दोनों बेटों की शादी भी नहीं हो पाई। सुमित का कहना है कि पिता की प्रताड़ना से तंग आकर उसकी मां लक्ष्मी देवी ने कई साल पहले जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी।
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रामधुन की पत्नी 20 साल पहले मर चुकी है। लज्जावती का पति नहीं है। मृतक अपनी जमीन भी बेच चुका है। प्रथम दृष्ट्या ये मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। दो नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। चंद्रपाल क्रिमिनल है और पहले भी जेल जा चुका है। एक-दो दिन में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। हरेंद्र सिंह तोमर, थानाध्यक्ष