बरेली। आरपीएफ के आईजी अंजनी कुमार सिन्हा की पत्नी चंद्रा रानी के ट्रेन में यात्रा करने के दौरान पर्स से हुई डेढ़ लाख की चोरी का जीआरपी अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। इस मामले में जीआरपी ने ट्रेन के कोच में ड्यूटी करने वाले चार टीटीई से पूछताछ की, लेकिन चोरी के बारे में वह कुछ नहीं बता पाए। इसके बाद पुलिस ने कोच के अटेंडेंट को पूछताछ के लिए लखनऊ से बुलाया है।
आरपीएफ के आईजी अंजनी कुमार सिन्हा गाड़ी संख्या 12430 के कोच नंबर एच-वन में अपनी पत्नी चंद्रा रानी के साथ 13 जनवरी की रात दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुए। बरेली और शाहजहांपुर के बीच चंद्रा रानी के पर्स से कोई डेढ़ लाख रुपये चुरा ले गया और खाली पर्स टायलेट में फेंक गया था। इसकी जानकारी पर लखनऊ चारबाग जीआरपी थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश बरेली जीआरपी को ट्रांसफर की गई थी। मामले की तफ्तीश करते हुए जीआरपी बरेली ने सोमवार को कोच में ड्यूटी पर तैनात टीटीई एटओ राव, अफसर उल्ला बेग, सुमित श्रीवास्तव, मकरध्वज से एसएसआई मुकेश मलिक और उप निरीक्षक राजेंद्र सिरोही ने पूछताछ की। टीटीई ने बताया कि उन्होंने कोच में टिकट चेक की तो इस तरह की कोई बात नहीं थी। बाद में पता चला कि चंद्रा रानी का पर्स चोरी हो गया है, इस पर उन्होंने कोच चेक किया तो टॉयलेट में खाली पर्स पड़ा मिला। वहीं मंगलवार को जीआरपी ने कोच में तैनात अटेंडेंट शहजाद खान, शत्रुघभन वर्मा, वीरेंद्र कुमार और मुहम्मद फहीम को पूछताछ के लिए लखनऊ से बुलाया। चारों लोग देर शाम बरेली पहुंचे, इसलिए उनसे अब बुधवार को पूछताछ की जाएगी।