बरेली। एसटीएफ और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने दस किलो चरस के साथ तीन नेपाली नागरिकों समेत चार लोगों को सेटेलाइट बस अड्डे से गिरफ्तार किया है। दस लाख रुपये की यह तरस नेपाल के रास्ते बिहार होकर बरेली आई थी। पकड़े गए बदायूं के राकेश शर्मा के लिए चरस लाई जा रही थी। उसके बदायूं का ही बाबा नशे का सामान खरीदकर बाजार में बेचता है। एसटीएफ बाबा की तलाश में लगी हुई है।
एसटीएफ की बरेली इकाई के प्रभारी अजय पाल यादव ने बताया कि नेपाल के जिला पारसा थाना पुखरिया के समबारसा गांव के नाराण मांझी, उन्हीं के गांव के अमिताभ बच्चन और पुखरिया थाने के ही निचुटा गांव के जीत जोधन बदायूं के थाना विनावर के ग्राम दियूरी के राकेश शर्मा के लिए दस किलो चरस लेकर आए थे। सेटेलाइट बस अड्डे के पास चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। राकेश शर्मा करीब एक साल से नशे का कारोबार कर रहा है। उसने अब तक करीब चालीस लाख रुपये की इसी कारोबार से कमाई की है। प्रधानी का चुनाव में भी उसने नशे के कारोबार से मोटी रकम कमाकर लाखों रुपये खर्च किए थे। राकेश शर्मा से चरस खरीदने वाले बाबा की तलाश की जा रही है।
सपा नेता अजीज मुल्ला को भी देते थे माल
-एसटीएफ के हाथ लगे तीनों नेपाली नागरिक पहले फरीदपुर के सपा नेता अजीज मुल्ला को चरस और अफीम की सप्लाई देते थे। अजीज के जेल चले जाने के बाद से यह लोग बदायूं के राकेश शर्मा को माल देने लगे थे। यह लोग अपने पेट से चरस बांधकर लाते हैं। महिलाएं भी इनके गैंग में शामिल हैं। एक सप्ताह पहले एसटीएफ ने चरस होने के शक में महिलाओं को पकड़ा था, लेकिन उनके पास से नहीं मिल पाई थी। बाद में पता लगा कि महिलाओं के पेट से चरस बंधी थी।