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बाप रखता था भूखा, तंग आकर युवती ने जान दी

Sun, 12 Nov 2017 02:25 AM IST
बरेली।
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मुंशीनगर में गायत्री मंदिर के पास बैंक पीओ की तैयारी कर रही छात्रा उर्वशी पासवान (24) ने शनिवार रात साढ़े नौ बजे दुपट्टे से फंसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शुरुआती तफ्तीश में पुलिस को जो वजह पता लगी है वह बेहद बहशियाना है। उर्वशी को उसका पिता भूखा रखता था। खाने का सारा सामान वह ताले में बंद करके रखता था। इसकी वजह से वह हड्डियों का ढांचा भर रह गई थी। उर्वशी की दो बड़ी बहनों ने पुलिस के सामने पिता पर आरोपों की झड़ी लगा दी। इज्जतनगर थाने की पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। 
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असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर योगेंद्र पासवान रिटायरमेंट के बाद मुंशीनगर में रहते हैं। उनकी बड़ी बेटी दीक्षा ने आरोप लगाया कि वह उसकी मां और छोटी बहन को न तो खर्च के लिए रुपये देेते थे और न खाने के लिए राशन। सारा सामान अलमारी में बंद करके रखते थे। उनकी मां और छोटी बहन दाने-दाने को मोहताज रहती थीं। इस पर उनकी मां ने अपने पति के खिलाफ कोर्ट में केस दायर कर रखा है। आठ नवंबर को मां अपने मायके बिहार के बेगुसराय चली गईं थीं। दोनों बड़ी बेटियों की शादी के बाद छोटी बेटी उर्वशी ही घर पर अकेली थी। 

भाई के घर से लौटने पर खुदकुशी का पता चला 
शनिवार को योगेंद्र अपने बड़े भाई राजेंद्र पासवान के जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने शास्त्रीनगर में उनके घर गए थे। योगेंद्र ने बताया कि शनिवार रात साढ़े नौ बजे लौटने पर उन्हें सभी दरवाजे खुले मिले। अंदर कमरे में जाकर देखा तो पंखे से दुपट्टे के सहारे उनकी बेटी उर्वशी की लाश लटकी थी। उन्होंने फंदे से बेटी का शव नीचे उतारा और पुलिस को सूचना दी। 
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अलमारियों में बंद मिला खाने का सामान 
पुलिस ने जब योगेंद्र के कमरे की तलाशी ली तो काजू, बादाम सहित खाने-पीने का तमाम सामान आलमारी में बंद मिला, जबकि रसोई की सारी अलमारियां और डिब्बे खाली पड़े थे। एक थैले में भी खाने का सामान रखा मिला। यह थैला शनिवार को घर लौटने पर योगेंद्र लाए थे।  

छात्रा की लाश मिली है। सही तस्वीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। घटनास्थल देखकर खुदकुशी लग रही है। परिवार ने ही उर्वशी के मौत के कारण बताए हैं। जांच चल रही है। 
- रोहित सिंह सजवाण, एसपी सिटी 


दीदी... मैं कई दिन भूखी हूं, कुछ रुपये भेज दो 
खुदकुशी से पहले बड़ी बहन को फोन करके खूब रोई थी उर्वशी 
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। पुलिस के मुताबिक योगेंद्र की तीन बेटियों में दो ने पिता से खिलाफत करते हुए प्रेम विवाह किया था। बड़ी बेटी दीक्षा अपने पति हरप्रीत के साथ मुंशीनगर में ही रहती है, जबकि छोटी बेटी शिक्षा स्टेट बैंक कॉलोनी में पति मनु शुक्ला के साथ रहती है। खुदकुशी के बाद दोनों बहनें पिता के घर पहुंची तो पुलिस के सामने पिता पर आरोपों की झड़ी लगा दी। दीक्षा ने बताया कि शुक्रवार शाम को ही उर्वशी ने उसे फोन किया था। उसने रोते हुए कहा था, दीदी... मैं कई दिनों भूखी हूं.. कुछ रुपये दे जाओ। यहां खाने को कुछ नहीं है। उसने रोते हुए बताया कि घर में दो कुत्ते हैं, वे भी भूखे हैं। दीक्षा से मिले रुपये से उसने ब्रेड सहित कुछ सामान खरीदा था। सामने आया है कि दो बेटियों के प्रेम विवाह के बाद पिता का गुस्सा उर्वशी पर उतर रहा था। वह बाहर जाते हुए उसको ताले में बंद कर जाते थे। उर्वशी निजी कॉलेज से एमएससी की परीक्षा पास करने के बाद बैंक पीओ की तैयारी कर रही थी।

लैपटॉप पुलिस के कब्जे में 
 पुलिस ने उर्वशी का लैपटॉप कब्जे में ले लिया है। पुलिस को घटनास्थल पर संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला है। शरीर पर चोट का भी कोई निशान नहीं है। गले पर डबल मार्क आया है, जबकि पीछे की तरफ निशान नहीं है। फंदा पिता ने खोल दिया था, इसलिए गांठ किस तरह बांधी गई, यह पता नहीं चला। जब पुलिस पहुंची तो लाश कमरे में बेड पर पड़ी थी। एक प्लास्टिक का स्टूल बेड पर उलटा पड़ा था, जबकि लकड़ी का एक स्टूल जमीन पर पड़ा था।  
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