The company's couriers were carrying loaded into cattle trucks
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
पुलिस के धरपकड़ के लाख दावे के बाद भी पशु तस्करों का दुस्साहस कम नहीं हो रहा है। अब डाक पार्सल कंपनी वरुणा के ट्रक में ठूंसकर ले जाए जा रहे गाय और बैल पुलिस के हाथ लगे हैं। ट्रक में भरे गए 50 पशुओं में से तीन की दम घुटने से मौत हो गई थी। मौके से एक पशु तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसके तीन साथ चकमा देकर भाग गए। पशुओं को लखनऊ से बिहार ले जाया जा रहा था।
अंतरराज्यीय पशु तस्करों की सूचना पर कोतवाल प्रमोद कुमार शर्मा ने रविवार सुबह एसएसआई मनोज कुमार और चौकी इंचार्ज संजय कुमार यादव की अगुवाई में पुलिस टीम को बरेली-पीलीभीत हाइवे पर लगाया था। पुलिस ने रिछौला पुलिस चौकी के पास बैरियर लगा कर और हाइवे पर अवरोधक लगाए थे। सुबह चार बजे वरुणा कंपनी के ट्रक के आने पर ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए और चार लोग उतरकर भागने लगे। आसपास छिपी बैठी पुलिस ने भी उनके पीछे दौड़ लगा दी। इस दौरान एक को दौड़ाकर पकड़ लिया गया। जबकि तीन हाथ नहीं आए। ट्रक में 50 पशु थे। तीन की मौत हो चुकी थी। बाद में पशु डॉक्टरों को बुलाकर पशुओं का इलाज कराया गया। 47 पशुओं को पीलीभीत की गौशाला भेज दिया गया।
रामपुर से जुड़े है पशु तस्करों के तार
पकड़े गए पशु तस्कर ने अपना नाम जकील कुरैशी निवासी नगलिया आकिल थाना अजीम नगर (रामपुर) बताया। उसने कहा कि फरार तीनों तस्कर भी रामपुर के हैं। हालांकि पुलिस अभी उनका नाम नहीं खोल रही है। जकील ने बताया कि पशुओं को लखनऊ के मोहान के जंगल से लाया जा रहा था।
टीम में ये थे शामिल
पुलिस टीम में एसएसआई मनोज कुमार, चौकी इंचार्ज संजय कुमार यादव, सिपाही गिरजेश कुमार, राजकुमार, विनीत कुमार और ड्राइवर बलजोर सिंह आदि शामिल रहे।