शहर के एक होटल का टैक्स कम करने के मामले का खुलासा होने के बाद मेयर डॉ. आईएस तोमर ने शहर की सभी कामर्शियल संपत्तियों के टैक्स निर्धारण का परीक्षण कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी से सारा रिकार्ड तलब किया है।
मेयर ने कहा है कि जिस तरह से कुछ मामलों के टैक्स निर्धारण में मनमानी सामने आई है, उससे लगता है कि बहुत कुछ गड़बड़ हुआ है। शहर के एक होटल का कवर्ड एरिया कम दिखाकर पहले से भी टैक्स कम करने का मामला मेयर ने नगर निगम बोर्ड की बैठक में उठाया था। अपर नगर आयुक्त और टैक्स प्रभारी सच्चिदानंद ने इसकी जांच की। जांच में घपले की पुष्टि हुई। पाया गया कि 7.78 लाख रुपये टैक्स कम करने के लिए होटल का 17505 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया कम करके 4095 वर्ग मीटर दर्शाया गया और टैक्स 1.82 लाख जारी करके जमा करा लिया गया। इससे नगर निगम को न सिर्फ चूना लगा बल्कि कर निर्धारण पर भी सवाल उठ खड़े हुए। जांच के बाद नगर आयुक्त ने कर अधीक्षक राम संजीवन को हटाते हुए उनके निलंबन की संस्तुति शासन को कर दी लेकिन मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर को चेतावनी भर दी गई। हालांकि इस कार्रवाई से मेयर भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इस मामले में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी की पूरी जिम्मेदारी मानी है। अभी इस मामले की जांच निर्माण विभाग से भी होनी है।
मैं दोषी नहीं: राम संजीवन
होटल वाले मामले में कार्रवाई का शिकार हुए कर अधीक्षक राम संजीवन का कहना है कि उन्हें तो बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में कर विभाग के लिपिक से आख्या मांगी थी, वह मिली नहीं इसलिए उनके स्तर से टैक्स कम नहीं हुआ है, इसके लिए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी जिम्मेदार हैं।
वर्जन...
होटल वाले मामले की जांच और कार्रवाई रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। जब मिलेगी तभी टिप्पणी करना मुनासिब होगा लेकिन मेरा मानना है कि इस मामले से जुड़े सभी लोगों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। किसी को बचाना ठीक नहीं है। शहर की सारी कामर्शियल संपत्तियों के कर निर्धारण के रिकार्ड का परीक्षण इसलिए कराएंगे क्योंकि अभी और भी खामियों की आशंका है।
-डॉ. आईएस तोमर, मेयर