सुभाषनगर इलाके की बीडीए कॉलोनी निवासी जगदीश के मकान में किराए पर रहने वाले 37 वर्षीय अनुज कुमार का शव उसके कमरे के अंदर ही फंदे पर लटका पाया गया। शुक्रवार दोपहर पड़ोसी अनुज के खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला तो उसने बानखाना मोहल्ले में स्थित मायके गई अनुज की पत्नी दीपमाला को फोन किया। दीपमाला घर आई और पुलिस को बुलाया। पुलिस ने धक्के मारकर कुंडा तोड़ा तो भीतर जा पाई। अनुज का शव पंखे के कुंडे से बंधे रस्सी के फंदे पर लटका था। नीचे सुसाइड नोट रखा था। अनुज की पत्नी दीपमाला ने बताया कि इस बार वह इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रही है। बृहस्पतिवार को वह हिन्दी का पेपर देने के लिए जीजीआईसी में गई। पेपर देने के बाद वह प्रेमनगर के बानखाना स्थित अपने मायके चली गई थी।
बेच दिया था पिता का मकान
अनुज के साले सनी ने बताया कि अनुज के पिता फकीर चंद रेलवे में ड्राइवर थे। करीब पांच साल पहले उनकी मौत हो गई। इसके दो साल बाद ही अनुज की मां फूलमती का निधन हो गया। अनुज का सुभाषनगर के खन्ना बिल्डिंग के पास मकान था, जो उसने बेच दिया। अनुज ने सूदखोरों से परेशान होकर ही जान दी है। अब वह सूदखोरों का पता लगाएगा।
लाश देखकर भाग गया सूदखोर
अनुज के आत्महत्या करने के बाद उसके घर काफी भीड़ लगी थी। इसी दौरान एक सूदखोर अपने सात हजार रुपये मांगने के लिए आया। उसने पड़ोसी कुनाल से अनुज के बारे में पूछा तो वह उसे पकड़कर पीटते हुए अंदर ले गया और अनुज का शव उसे दिखाया। यह देख सूदखोर भाग गया।
सुसाइड नोट
मैं शराब का आदी होने से काफी कर्ज में डूब गया हूं। शराब का आदी होने के कारण मुझसे दोस्तों और पत्नी ने दूरी बना ली है। कर्ज और अकेलेपन के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं। शराब के कारण शरीर में कई बीमारियां हो गईं हैं। मेरा इलाज कोई करवाएगा नहीं। इसलिए मैं आत्महत्या कर रहूं। इसका मैं खुद जिम्मेदार हूं। आखिरी समय यह अफसोस रहेगा कि पत्नी ने साथ नहीं दिया।