Steno was so fake CMO jholachap
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सीएमओ का फर्जी स्टेनो बनकर सुभाषनगर में दिनकर पैथॉलाजी सेंटर पर फोटोग्राफी कर कागजात मांगने वाले ने पकड़े जाने पर न सिर्फ अपना काम फर्जी बताया, बल्कि नाम भी फर्जी बताया। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम मोहम्मद आसिफ है। पुलिस के मुताबिक वह क्लीनिक भी चलाता है, जबकि उसके पास किसी तरह की कोई डिग्री नहीं है। सारा खेल स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से होता है। बदायूं रोड स्थित चौरासी घंटा मंदिर के सामने दिनकर पैथॉलाजी सेंटर पर मंगलवार को पहुंचे दो युवकों में से एक ने खुद को सीएमओ का स्टेनो बताया था। उसने पैथॉलाजी सेंटर का पंजीकरण न होने की बात कहते हुए फोटोग्राफी कर कागजात मांगे थे। इससे सेंटर पर मौजूद स्टाफ वाले घबरा गए और यहां पहुंचे डॉक्टरों ने स्टेनो बताने वाले को पकड़ लिया था। उसने अपना नाम अविनेश निवासी बिहारीपुर, कोतवाली बताया था। उसने यह भी बताया था कि वह सरकारी अस्पताल कर्मियों का सहयोग करता है। पुलिस ने पैथॉलाजी सेंटर के प्रदीप की ओर से मुकदमा लिखकर छानबीन शुरू की तो पता चला कि पकड़े गए सीएमओ के फर्जी स्टेनो का नाम अविनेश नहीं, बल्कि आसिफ है और वह किला क्षेत्र के जसोली में रहता है। पुलिस के मुताबिक वह क्षेत्र में एक क्लीनिक भी चलाता है। इसी लिहाज से उसकी सीएमओ आफिस में गहरी साठगांठ है। पुलिस ने बुधवार का चालान कर कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया।
पत्नी ने कहा, गैस एजेंसी पर काम करता है आसिफ
पति के पकड़े जाने की सूचना पर बुधवार को आसिफ की पत्नी भी थाने पहुंच गई। उसने कहा कि आफिस गैस एजेंसी पर काम करता है। उसे गलत फंसाया गया है जबकि आसिफ का कहना था कि वह झोलाछाप नहीं है। उसके पिता डॉक्टर हैं और उनके क्लीनिक पर वह उनका सहयोग भी करता है।
इंस्पेक्टर बोले-यह सब कुछ नहीं चलता हमारे थाने में
सुभाषनगर पुलिस के मुताबिक, आफिस पर केस दर्ज कराने वाले पैथॉलाजी वालों ने मामले में समझौता होने की बात कहकर आसिफ को छोड़ने की बात कही। पुलिस को मामला ले देकर रफा दफा करने का दबाव भी बनाया गया। जब इसकी जानकारी इंस्पेक्टर अतुल प्रधान को हुई तो उन्होंने वादी पक्ष को अपने पास बुलाया और हिदायत दी कि उनके थाने में यह सब कुछ नहीं चलता। युवक पैथॉलाजी में मौके से पकड़ा गया है इसलिए उसे छोड़ा नहीं जाएगा। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।