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किला नदी की जमीन दबा गए सपा नेता 

Sun, 11 Jun 2017 01:21 AM IST
बरेली।  
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SP leader suppresses the land of the fort - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शहर के प्रमुख जल स्रोतों में एक किला नदी के किनारे की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा कर सपा नेताओं ने मकान बनवा दिए। सपा नेता अनिल शर्मा और उनके भाई की अब भी नदी के किनारे प्लाटिंग चल रही है।  नदी के अंदर तक बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जे कर लिए गए हैं। नर्सरी रोउ पर सैदपुर हाकिंस में धर्मकांटा और डेयरी मालिक से बिल्डर बने शख्स  किला नदी पर पुल बनाकर प्लाटिंग कर दी। यहां छोटे-छोटे भूखंड काटकर बिजली के खंभे भी खड़े कर दिए गए हैं। आस-पास की जमीन खरीदकर किला नदी के किनारे की जमीन पर अनाधिकृत तरीके से कब्जा करने का काम लगातार जारी है। प्रशासन ने दशकों से नदी की जमीन की पैमाइश नहीं कराई है। अब निजाम बदला तो किला नदी की जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करने वाले बिल्डरों और भूमाफियाओं की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी गई है।  
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उत्तराखंड के किच्छा (रुद्रपुर) से निकली देवरनियां नदी बहेड़ी भोजीपुरा होते हुए किला की ओर से शहर में प्रवेश करती है। बरेली में ये किला नदी के नाम से जानी जाती है।  नर्सरी रोड की ओर सैदपुर हाकिंस निवासी स्थानीय दुकानदार की मानें तो साईं धर्मकांटा मालिक डाक्टर साहब (डा. अशोक) ने नदी के किनारे की जमीन को प्लाटिंग कर बिक्री कर दी है। उनकी देखादेखी बर्फखाना मालिक यासीन ने भी प्लाटिंग कर रखी है। बताया जाता है कि बिल्डरों ने नदी के बगल में कई साल पहले बगिया खरीदी। उसी की आड़ में नदी की जमीन की भी प्लाटिंग कर दी गई। अब नदी यहां नाला बनकर रह गई है। 
कर्मचारी नगर के लोग बताते हैं कर्मचारी नगर और मिनी बाईपास की ओर नदी के किनारे वाली जमीन पर सपा नेता डा. अनिल शर्मा, उनके भाई अशोक शर्मा और चमनलाल शर्मा ने भी प्लाटिंग की है। हालांकि सपा नेता डा. अनिल शर्मा ने नदी की जमीन पर किसी तरह के अनाधिकृत कब्जे की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि मिनी बाईपास पर नदी के किनारे उनके भाई का होटल है। वह कोर्ट के आदेश पर बना है। हालांकि होटल की दीवार नदी से सटी हुई है। सपा सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी किला नदी पर कब्जे की शिकायत भेजी गई थी। वहां से जांच आने पर तत्कालीन मंडलायुक्त ने अपनी आख्या भेजी थी। इसमें उनके नाम कहीं भी अतिक्रमण नहीं पाया गया। रजा कालोनी के दो दर्जन मकान किला नदी की जमीन पर बने हैं। बीडीए से इनके नक्शे स्वीकृत नहीं हैं। मिनी बाईपास चौराहे से कर्मचारी नगर तक रोड के किनारे वाली ग्रीन बेल्ट की जमीन पर पेट्रोल पंप समेत छह से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल बीडीए ने अनाधिकृत तरीके से बनवाकर बिना संबंधित विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए उनकी कंपाउंडिंग भी करा दी। इनमें अधिकांश अस्पताल या कामर्शियल भवन पीडब्ल्यूडी की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए हैं। सपा सरकार के समय से ही किला नदी की जमीन दबाने का सिलसिला भाजपा सरकार में भी जारी है जबकि सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह सपाइयों के कब्जे नदियों की जमीन के कब्जे चिह्नित कर जांच कराने की बात कह चुके हैं। 
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किला नदी के किनारे हम किसी तरह की प्लाटिंग नहीं कर रहे हैं। शहर के किसी भी हिस्से में मेरे नाम से अतिक्रमण नहीं है। प्रशासन चाहे तो फिर से जांच करा लें। हालांकि पहले भी एक बार जांच हो चुकी है।  
-डा. अनिल शर्मा, सपा नेता 

मेरा नदी या उसके आस-पास इलाके में कहीं भी प्लाटिंग का काम नहीं चल रहा है। न ही मैंने किसी तरह नदी की जमीन पर अतिक्रमण किया है। किसी ने शिकायत भेजी है तो वह गलत है।
-अशोक शर्मा, (डा. अनिल शर्मा के भाई)

खुसरो अस्पताल ग्रीन बेल्ट की जमीन पर था। हमने 50 हजार रुपये देकर उसकी कंपाउंडिंग कराकर उसका लैंड यूज चेंज करा दिया है। वैसे तो इस लाइन में जितनी भी बिल्डिंग बनी हैं, वह सब ग्रीन बेल्ट की जमीन पर हैं।  
-शेर अली जाफरी, पूर्व सपा नेता 

‘किला नदी की जमीन पर अनाधिकृत कब्जों की जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नदी की जमीन पर कब्जा चिह्नित करने के लिए जल्द ही टीम भेजकर पैमाइश कराई जाएगी। जल स्रोतों और तालाबों पर भी अनाधिकृत कब्जों की जांच के लिए टीम बनेगी।’
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-डा. पिंकी जोवल , डीएम 
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