सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव के भाई समेत चार लोगों के खिलाफ घर पर हमला करके फायरिंग करने के आरोप में थाना बिथरी चैनपुर में मुकदमा दर्ज करके पुलिस असलियत का पता लगा रही है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष का दावा है कि उनका बोधपाल से फैसला हो गया है। उसने उनके सियासी मुखालिफों के दबाव में मुकदमा लिखा दिया था।
बिथरीचैनपुर थाना क्षेत्र के गांव मेहतरपुर करोड़ निवासी बोध पाल उर्फ छक्कन का कहना है कि उसने कुछ समय पहले पूर्व ब्लाक प्रमुख राजबाबू यादव से पांच हजार रुपये उधार लिए थे। बोध पाल का कहना है कि यह पैसा उसने पंचायत चुनाव के दौरान वापस कर दिया। पूर्व ब्लाक प्रमुख के भाई पूर्व प्रधान श्याम बाबू यादव की पत्नी को इस बार उसने ग्राम प्रधान पद का चुनाव नहीं लड़ाया था। उसने सोमपाल की पत्नी प्रभा को चुनाव लड़ाया था। वह चुनाव जीत गईं। उसी समय फोन पर श्यामबाबू के बेटे आलोक यादव ने उसे फोन पर जान से मारने की धमकी दी हैं। उसका कहना था कि तुमने मेरी मम्मी का चुनाव नहीं लड़ाया है। आलोक यादव का पवन विहार में मकान है। मंगलवार को आलोक यादव, अपने तहेरे भाई धर्मेंद्र यादव, चचेरे भाई वैभव यादव और दोस्त सुरेंद्र गंगवार को लेकर उसके मकान पर आ गया। चारों ने आते ही गाली-गलौज करते हुए फायरिंग कर दी। वह अपनी जान बचाने के लिए मकान की खिड़की की तरफ भागा तो वहां गोली चला दी। गोली खिड़की में लगी, जिससे उसका शीशा टूट गया। गोलीबारी में उसकी जान बाल-बाल बच गया। मामले में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि एसओ राजवीर सिंह का कहना है कि अभी शिकायत पर जांच की जा रही है। उधर, सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव का कहना है कि बोधपाल से इस मामले में फैसला हो गया है। फैसले की एक काफी एसपी सिटी को सौंप दी गई है। उसने लिखकर भी दे दिया है कि उससे जबरन मुकदमा लिखाया गया।