आईओसी के बाद अब एस्सार कंपनी ने भी पकड़े गए टैंकरों से कोई संबंध और अनुबंधन होने से इनकार कर दिया है। दो दिन पहले इंडियन आयल कंपनी अधिकारियों ने इनकार किया था कि देवचरा स्थित कोल्ड स्टोरेज के पास नकली पेट्रोल के साथ पकडे़ गए टैंकर से हमारा कोई लेना देना नहीं है। एचपीसी, बीपीसी अफसरों ने अब तक कोई उत्तर नहीं दिया है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि इन कंपनियों के लोगो लगे टैंकर चलते रहे और उन्होेंने कोई संज्ञान तक नहीं लिया। जबकि इन कंपनियों के दो दर्जन से अधिक अधिकारी शहर में दौड़ रहे है। कार्यालय भी बरेली और आंवला में हैं। उनको ये टैंकर कभी नहीं दिखे। खैर यह मान भी लिया जाए लेकिन अब खुलासा हुआ और डीएसओ ने पत्र के माध्यम से पूछा तो भी उन टैंकर और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में इन कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है, जिसका वह कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। माना यही जा रहा है कि ये सारा खेल कंपनियों के अफसरों की मिलीभगत से ही हो रहा था।
बता दें कि 27 फरवरी रात में देवचरा स्थित एक कोल्ड स्टोरेज परिसर में नेफ्था से नकली पेट्रोल बनाने का धंधा पकड़ा गया था। नकली पेट्रोल कारोबार में चार भरे हुए टैंकर भी बरामद हुए थे। जिन पर आईओसी और एस्सार लोगो प्रिंट थे। आईओसी से जवाब तलब किया गया तो कंपनी ने चारों टैंकरों का अनुबंधन होने से इंकार कर दिया। एस्सार कंपनी से भी जानकारी मांगी थी लेकिन कोई उत्तर नहीं दिया। जब प्रशासन ने नाराजगी जतायी तब चार दिन बाद ई-मेल के जरिए बताया गया कि एस्सार लिखा टैंकर नंबर यूपी 25 जी 8588 कंपनी में अनुबंधित नहीं है। लेकिन एस्सार ने अन्य टैंकरों की स्थिति से अवगत नहीं कराया है। इससे एस्सार से मिला जवाब संदेह के घेरे में आ गया है।
अन्य जनपदों में फैले तार
मौके से पकड़े लोगों ने बयान दिए थे कि बरेली और मुरादाबाद मंडल स्थित ज्यादातर एस्सार पंपों पर नेफ्था से बने पेट्रोल की सप्लाई होती है। इन दोनों मंडलों में करीब सौ पेट्रोल पंप बताए जाते हैं। एस्सार कंपनी का यूपी में एक भी पेट्रोलियम सप्लाई डिपो और रिफाइनरी नहीं है। बताया जाता है कि ज्यादातर एस्सार पेट्रोल पंप (लाल पंप) मालिक इधर-उधर से जुगाड़ कर डीजल पेट्रोल खरीदकर बिक्री करते हैं। स्थानीय प्रशासन ने मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर और संभल के डीएसओ से उनके जिले मेंएस्सार पंपों पर बिकने वाले मिलावटी और नकली पेट्रोल की सघन जांच कराने को कहा है। साथ में रिपोर्ट भी तलब की है।
एस्सार पर शिकंजा, टैंकर सूची तलब
नेफ्था से बने नकली पेट्रोल सप्लाई आईओसी, बीपीसी, एचपीसी पर होती रही है। इनमें सबसे बड़ा उपभोक्ता एस्सार सामने आया है। जिला प्रशासन ने क्षेत्रीय प्रबंधक एस्सार, लखनऊ से कई महत्वपूर्ण जानकारी मांगी हैं। जिसको लेकर एस्सार अफसर परेशान हैं। पत्र में कहा गया है कि 27 फरवरी रात नकली पेट्रोल बनाने के धंधे में शामिल एस्सार लिखा पेट्रोलियम पदार्थ से भरा टैंकर बरामद हुआ था। आरोपियों ने बयान भी दिए थे कि सबसे ज्यादा एस्सार पंपों पर नकली पेट्रोल सप्लाई होती है और मिलावटी डीजल बिक्री होने की जानकारी दी। इसलिए प्रशासन ने एस्सार पंपों पर पेट्रोलियम उत्पाद पहुंचाने में लगे टैंकरों की सूची मांगी है। टैंकर नंबर और मालिक ठेकेदार नाम, पता और संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराने को कहा है। पत्र में जानकारी मांगी गयी है कि कंपनी कहां से उत्पाद खरीद कर अपने लाल पंपों पर सप्लाई करती है। एस्सार कंपनी से पंप संचालक नाम, पता और फोन नंबर आदि उपलब्ध कराने को कहा है।
अब पंपों पर मोबाइल लैब नमूने भरेगी
नकली और मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थों रोकने के लिए डीएम सुरेंद्र सिंह की पहल रंग दिखाने लगी है। इसके तहत ही आईओसी राज्य कार्यालय नोयडा ने सबसे पहले विशेष छापा दल बरेली रवाना किया। तीन दिन तक छापामारी कर टीम वापस हो गई। बीपीसी, एचपीसी और निजी कंपनी ने काला धंधे पर अंकुश लगाने को अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। इसी बीच आईओसी ने डीएम के आग्रह पर मोबाइल लैब वैन उपलब्ध करा दी है। मोबाइल लैब ने मंगलवार से चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।
राज्य समन्वय कार्यालय लखनऊ से आयी मोबाइल लैब तीनों सार्वजनिक कंपनियों के पंप चेक करने के लिए अधिकृत है। लैब अफसर पंपों पर उपलब्ध पेट्रोलियम उत्पाद गुणवत्ता चेक कर रिपोर्ट तैयार करेगी। कोई गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कंपनी अफसर बुलाया जाएगा। उत्पाद में गड़बड़ी होने की पुष्टि पर संबंधित पंप पर लगी मशीनें सील कर बिक्री बंद करा दी जाएगी। सचल दल पेट्रोल पंपों से लिए गए नमूने अन्य किसी लैब में परीक्षण के लिए नहीं देगा। बताया जाता है कि सचल लैब रविवार तक बरेली और आसपास पंपों पर आकस्मिक नमूने चेक करेगी।
17 को तलब किए आरोपी
एडीएम फाइनेंस मनोज कुमार ने बताया कि अवैध धंधे में बरामद 32 हजार लीटर नकली पेट्रोल, नेफ्था, पेट्रोल और डीजल को निस्तारित करने के लिए 17 मार्च को सुनवाई होगी। जिसमें आरोपियों के पक्ष, गुजरात स्ेिथत मुंद्रा पोर्ट, कानपुर स्थित बजरंग फर्टिलाइजर्स को तलब किया है। इन सभी को नोटिस जारी किए जा चुके हैं जो कि पुलिस के माध्यम से तामील कराए जाने हैं। इन सभी का पक्ष सुनने के बाद ही जब्त पेट्रोलियम पदार्थ को निस्तारित किया जा सकेगा।
तो आरोपियों के परिजन भी फंसेंगे
कुछ लोगों ने डीएम को गोपनीय पत्र लिखा है जिसमें कहा है कि देवचरा स्थित कोल्ड स्टोरेज में चल रहे नकली पेट्रोल के इस खेल में शिव शक्ति कैमिकल इंडस्ट्रीज के पार्टनर की पत्नियों का भी अंश है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इनके अलावा आंवला निवासी विपुल अग्रवाल और विवेक अग्रवाल, इनकी पत्नी तथा मां भी पार्टनर बताई गईं हैं। इनके खिलाफ भी कार्रवाई का आग्रह किया गया है। पत्र में कहा गया है कि यह छापे के दौरान मौजूद थे लेकिन पुलिस की मिलीभगत से भाग गए।