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छह सौ कैदियों ने तोड़ी भूख हड़ताल

Mon, 05 Sep 2016 01:14 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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चौदह साल की सजा काट चुके उम्रकैदियों की रिहाई की मांग को लेकर सेंट्रल जेल में रविवार तीसरे दिन 1300 उम्रकैदी भूख हड़ताल पर रहे। जबकि जेल प्रशासन के समझाने पर करीब छह सौ कैदियों ने रविवार को भूख हड़ताल खत्म कर दी। इनके अलावा बीमार चल रहे करीब 200 कैदी शुरू से ही हड़ताल से अलग हैं।
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कैदियों मेें भूख हड़ताल की शुरुआत सप्ताह भर पहले आगरा सेंट्रल जेल से हुई थी। बरेली सेंट्रल जेल में सर्किल नंबर वन से भूख हड़ताल का सिलसिला शुरू हुआ। पहले दिन पहले दिन छह कैदियों ने हड़ताल की थी। दूसरे दिन शनिवार को बीमार कैदियों को छोड़कर 1900 कैदी हड़ताल पर रहे थे। जेल प्रशासन के समझाने पर रविवार को छह सौ कैदी हड़ताल छोड़ने को राजी हो गए। उन्होंने सुबह का नाश्ता किया और दोपहर व शाम का खाना भी खाया। मगर करीब 1300 कैदी हड़ताल करने पर अड़े रहे। उन्होंने सुबह न तो नाश्ता किया और न ही खाना खाया। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

घर से आई चीजें नहीं छोड़ रहे कैदी
केंद्रीय कारागार के कैदियों ने जेल खाना, पीना भले छोड़ रखा हो, लेकिन मिलाई के समय परिजनों द्वारा दिया जाने वाला खाने, पीने का सामान नहीं छोड़ रहे हैं। रविवार को हड़ताल के बावजूद सेंट्रल जेल में कैदियों से मिलाई का सिलसिला जारी है। परिवारीजनों ने मिलाई के दौरान दीं खाने, पीने की चीजें कैदी अपने साथ ले गए। सूत्रों का कहना है कि हड़ताल करने वाले कुछ कैदी अपने पास रखी चीजें खा रहे हैं।
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कैदियों की हड़ताल पर शासन गंभीर
सेंट्रल जेल में चल रही कैदियों की हड़ताल को लेकर शासन खासा गंभीर है। जेल प्रशासन के मुताबिक दया याचिका के तहत कैदियों की रिहाई पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाया जाएगा। दया याचिका के तहत कैदियों की रिहाई से संबंधित करीब 50 मामले शासन में लंबित हैं।     

कई बार में समझाने पर करीब 30 प्रतिशत कैदी भूख हड़ताल से अलग हो गए हैं। बाकी कैदी भी एक-दो दिनों में मान जाएंगे। हड़ताल से अलग रहने वाले कैदियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। शासन स्तर पर हमारी बात हुई है। -पीएन पांडेय, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल, बरेली। 
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