Sipahi's relative raped the excuse to give a lift in the car
- फोटो : Sipahi's relative raped the excuse to give a lift in the car
कार में लिफ्ट देने के बहाने सिपाही के रिश्तेदार ने बिनावर (बदायूं) की लड़की के साथ सुभाषनगर इलाके में रेप किया। लड़की मां की दवा लेने को निकली थी, सहेली ने उसे कार में बैठाया था। पीड़िता छह महीने से इंसाफ के लिए भटक रही है, लेकिन पुलिस ने अब तक मुकदमा भी नहीं लिखा है। आईजी से शिकायत करने पर सुभाषनगर पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
थाना बिनावर क्षेत्र की इस लड़की ने एडीजी से की शिकायत में कहा है कि छह महीने पहले वह अपनी मां की दवा लेने के लिए मलगांव के एक डॉक्टर के पास गई थी। उसकी मां डॉक्टर की दुकान में अंदर थीं। उसके गांव की ही सहेली बंटी नाम के शख्स के साथ कार से आ गई। उसने उसे कार में लिफ्ट देने के बहाने बैठा लिया। कहने लगी मां और तुम्हें घर तक हम छोड़ देेंगे। कार में उसके बैठते ही बंटी चल दिया। सहेली कहने लगी, अभी घूमकर लौट आएंगे। बंटी और उसकी सहेली उसे सुभाषनगर के सनैया गांव ले गए। वहां बंटी ने उसके साथ रातभर रेप किया। अगले दिन उसे बदायूं रोड पर छोड़ गया। उसने एक राहगीर के फोन से मां को फोन कर बुलाने के बाद सारी बात बताई। मां ने उसे समाज के डर से शिकायत करने से मना कर दिया। करीब एक महीने बाद सहेली फिर से उसके पास पहुंच गई। कहने लगी कि तुझे बंटी ने बुलाया है। यह बात सुनकर वह हैरान रह गई। विरोध करने पर सहेली ने उसकी मां से मारपीट कर दी। इस पर उसने यूपी 100 की टीम को फोन कर बुलाया। उसने उसी दिन थाने पहुंचकर पुलिस को सारी बात बताई, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। बंटी सिपाही का रिश्तेदार है। वह उसे लगातार धमकी दे रहा है। एडीजी ने मामले को गंभीरता से लेकर सुभाषनगर थाने को जांच कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच शुरू हो गई है। प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयान ले लिए हैं। पूरा मामला बिनावर थाने का है। वहां पीड़िता और उसकी सहेली में मारपीट होने पर एनसीआर भी दर्ज हुई है। यहां हमें लड़की घटना स्थल ही नहीं दिखा पाई। फिर भी मामले की जांच की जा रही है कोई तथ्य मिलेगा तो कार्रवाई होगी।
न्यू अवध सेवा समिति की शरण में है पीड़िता
न्यू अवध सेवा समिति की रुहेलखंड क्षेत्र की अध्यक्ष फरजाना कुरैशी ने बताया कि पीड़िता कई महीने से भटक रही है। हमारी टीम ने उसकी मुलाकात एडीजी से कराकर इंसाफ की गुहार लगवाई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित डर की वजह से घर भी जाने को तैयार नहीं है। वह बरेली में ही अपने रिश्तेदारी के घर ठहरी हुई है।