खजुरिया गांव के पास पापलर के खेत में बदहवास हालात में एक युवती मिली। उसके कपड़े फटे हुए थे और पैर में चोट लगी थी। गांव की महिलाओं ने उसके कपड़े संभालने के बाद पुलिस को सूचना देकर बुला लिया। मंगलवार को युवती का मानसिक अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे पुलिस को एक ग्रामीण ने फोन करके सूचना दी कि थाना इज्जतनगर के खजुरिया गांव के पास पापलर के खेत में 18-30 साल की युवती बैठी है। उसके पैर में चोट लगी है और कपड़े भी फटे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस मौके पर पहुंचने से पहले ही उसके कपड़े संभाल दिए। महिला सिपाहियों की मदद से युवती को थाने की जीप में बैठाकर इलाज कराने के लिए ले जाने की कोशिश की गई तो उसने विरोध कर दिया। बमुश्किल युवती को जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इनकार कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। जिला अस्पताल में कोई मानसिक रोग चिकित्सक नहीं है। इसलिए उसका मेडिकल मानसिक चिकित्सालय में ही होगा प्रभारी निरीक्षक रामगोपाल शर्मा ने बताया कि युवती रविवार से इस इलाके में दिखाई दे रही है। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। मेडिकल के बाद उसे मानसिक अस्पताल में दाखिल कराने की कोशिश की जा रही है।
आज होगा युवती का मेडिकल
पापलर के खेत में मिली युवती का मेडिकल कराने के लिए चौकी प्रभारी शिव मोहन महिला सिपाहियों के साथ कई घंटे भटकते रहे, लेकिन अस्पताल की छुट्टी होने की वजह से मेडिकल नहीं हो पाया। युवती को फिलहाल जिला अस्पताल के उस कक्ष में रखवा दिया है, जहां अपह्त लड़कियों को रखा जाता है।
यहां कैसे पहुंची युवती
खजुरिया गांव के पास पापलर के खेत में युवती किस तरह पहुंच गई। इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं उसके साथ दरिंदगी तो नहीं हुई है। पुलिस को इसे लेकर भी जांच करने की जरूरत है।