अमर उजाला की ओर से पहले ही जताई जा चुकी यह आशंका सच साबित हो रही है कि सेना में फर्जी पते के आधार पर सेंध लगाने वाले लड़कों में अधिकतर मेरठ इलाके के हो सकते हैं। बदायूं के बिसौली के पते पर सेना में भर्ती होने वाले सचिन कुमार की जमानत के लिए अपने कागज कोर्ट में दाखिल करने वाले उसके मामा गाजियाबाद के हैं। पुलिस का मानना है कि सचिन भी गाजियाबाद या आसपास का ही होगा। मामा के पते के आधार पर पुलिस अब सचिन का असली पता लगाने की कोशिश में जुट गई है।
सभी ग्यारह लड़कों की कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद रिहा करने के लिए कोर्ट ने शर्त ऐसी रखी है कि परिवार के लोग जमानत लेने के कतरा रहे हैं। बड़ी मुश्किल से बदायूं के बिसौली के पते पर सेना में भर्ती होने वाले सचिन कुमार के मामा ने उसकी जमानत के लिए अपने कागज कोर्ट में दाखिल किए हैं। सचिन के मामा पवन कुमार पुत्र प्रकाश चंद्र सीकरी कला, थाना मोदीनगर जनपद गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इससे यह बात पुख्ता होती लग रही है कि सचिन भी मेरठ या उसके आसपास का ही रहने वाला है। मामा ने सचिन की जमानत कराने के लिए अपने रिश्ते का शपथ पत्र दिया है। पुलिस भी उनके सहारे सचिन का असली पता हासिल करने में लग गई है। सोमवार को सन्नी दियोल, अरुण कुमार और मोहित शर्मा की जमानत के लिए कोर्ट में कागज दाखिल होंगे। इन तीनों की जमानत लेने वाले रिश्तेदार भी बुलंदशहर, मेरठ और गाजियाबाद के ही रहने वाले हैं। भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर पकड़े गए युवकों में से नौ की बोली के आधार पर अमर उजाला ने तभी इशारा कर दिया था कि युवक मेरठ मंडल के हो सकते हैं।
भर्ती कराने में अहम भूमिका निभाने वाले मास्टर माइंड आदेश गूजर और एक रिटायर सैन्य अधिकारी भी इन दिनों मेरठ में ही कैंप कर रहे हैं। वहीं रहकर वह सभी लड़कों की जमानत के लिए जोर लगाए हुए हैं। कई पुलिस कर्मियों से भी आदेश गूजर के अच्छे संबंध बताए जाते हैं। क्राइम ब्रांच के प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव शर्मा ने बताया कि फर्जी पते पर सेना में एंट्री करने वालों के सही पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जमानत के लिए जिन रिश्तेदारों के कागज दाखिल किए हैं, उनकी मदद से आरोपियों के असली पते तलाश करेंगे।
मोनू और वीरेंद्र नहीं पकड़े गए
बरेली। जयपुर के पॉलीटेक्निक के छात्र शैलेंद्र परिहार को झांसे में लेकर मोनू के स्थान पर मेडिकल के लिए भेजने वाले वीरेंद्र गंगवार को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। प्रभारी निरीक्षक रामवीर सिंह यादव का कहना है कि मोनू की गिरफ्तारी के लिए टीम फर्रुखाबाद भेजी गई है। वहां पुलिस को मोनू घर पर नहीं मिला है।