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साइबर अटैक से घबराए बैंकों ने बंद किए एटीएम

Tue, 16 May 2017 01:55 AM IST
डॉ. पवन चंद्र, बरेली
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देश-दुनिया में साइबर हमले की चेतावनी के बीच बरेली मंडल की कई बैंकों ने सोमवार को अपने एटीएम कुछ देर के लिए बंद कर दिए। बताया जा रहा है कि वायरस अटैक के मद्देनजर एहतियातन यह कदम उठाया गया। बता दें कि बीते शुक्रवार को दुनिया भर के 100 से ज्यादा देशों में हुए साइबर हमले का खतरा अभी टला नहीं है।
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साइबर हमलों की चेतावनी के मद्देनजर सुबह से ही कई तरह के संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे। दोपहर बाद एकाएक खबर आई कि कई बैंकों के एटीएम ने काम करना बंद कर दिया है। शुरुआती तौर में अफरातफरी मची, लेकिन जल्द ही बैंकों ने साफ  कर दिया कि एटीएम और आटोमेटिक पासबुक मशीनें उनकी ओर से साइबर हमले से बचने के लिए बंद की गई हैं। कारण पूछने पर बताया गया कि पासबुक मशीन और एटीएम में एंटीवायरस डालने की सुविधा नहीं होती है।
एसबीआई मेन ब्रांच के चीफ  मैनेजर सुनील शर्मा ने एटीएम कार्डधारकों से परेशान न होने को कहा है। पीएनबी कुतुबखाना के शाखा प्रबंधक राजेश टंडन बताया कि इस साइबर हमले की जद में दुनिया भर के बैंक, हवाई अड्डे, दूरसंचार सेवाएं, पावर कारपोरेशन और शेयर बाजार से जुड़े कंप्यूटर हैं। इस वायरस का सबसे ज्यादा नुकसान पाइरेसी, बगैर लाइसेंस के सॉफ्टवेयर चलाने वालों को होगा। एसबीआई के वरिष्ठ अफसर आरके गौड़ ने नेट बैंकिंग में खास सावधानी बरतने की अपील की है।
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क्या है रैंसमवेयर वायरस 
रैंसमवेयर एक कम्प्यूटर वायरस प्रोग्राम है, जो आपकी सभी कंप्यूटर्स फाइल को लॉक कर सकता है। आईटी एक्सपर्ट के मुताबिक रैंसमवेयर विंडो सिस्टम में सर्वर मैसेज ब्लॉक (एसएमबी) के इस्तेमाल में सुरक्षा ना बरतने से फैलता है। यह कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क को एनक्त्रिस्प्ट करता है और फिर उसी लोकल एरिया नेटवर्क पर कम्प्यूटरों के बीच फैलता है। रैंसमवेयर ईमेल में वायरस फैलाने वाली अटैचमेंट से भी फैलता है। रैंसमवेयर वायरस इतना खतरनाक और स्मार्ट है कि यह ‘प्लीज रीड मी’ नाम से एक फाइल छोड़ता है, जिसमें यह बताया जाता है कि कंप्यूटर के साथ क्या हुआ और कैसे फिरौती (रैंसम) देनी है।

बिटक्वाइन में मांगते हैं फिरौती
साफ्टवेयर एक्सपर्ट सुऐब उर रहमान और आमिर इकबाल शम्सी के मुताबिक साइबर हमलों के पीड़ितों के कंप्यूटर स्क्त्रस्ीन पर तस्वीरें आ जाती हैं, जिनमें संदेश होता है कि उफ, आपकी इन इनक्त्रिस्प्ट कर दी गई हैं। पीड़ितों से आभासी दुनिया की मुद्रा बिटक्वाइन में 300 डॉलर की फिरौती मांगी जाती है। स्क्रीन पर आए संदेशों में कहा जाता है कि रकम तीन दिन के अंदर चुका दे, वरना फिरौती की रकम दुगुनी कर दी जाएगी। फिरौती नहीं देने पर लॉक की गईं फाइलें डिलीट कर दी जाएंगी। उल्लेखनीय है कि बिटक्वाइन दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली आभासी मुद्रा है। इसका लेन-देन बेनामी तरीके से अत्याधिक इनक्त्रिस्प्टेड कोड से किया जा सकता है और किसी को इसकी भनक भी नहीं लगती।

ये बरत सकते हैं सावधानी
कंप्यूटर के सिक्योरिटी सिस्टम को हमेशा अपडेट करते हुए फायरवाल और बढ़िया एंटी वायरस साफ्टवेयर का प्रयोग करें। इस वायरस का टारगेट बड़े संस्थान और व्यापारिक घराने हैं। जरूरी है कि फाइलों को एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव में कापी करके रखें। एंटीवायरस का भी ऑफ लाइन बैकअप रखें। इसके अलावा अंजान मेल या पोर्न साइट्स पर भी जाने से बचें। 
- अमित गुप्ता, आईटीएक्सपर्ट, द‌िल्ली
 
आरबीआई ने जारी की एडवाइजरी
रिजर्व बैंक ऑफ  इंडिया ने वायरस अटैक पर बैंकों को चेतावनी जारी की है। आरबीआई ने बैंकों को अलर्ट करते हुए कहा है कि रैंसमवेयर वायरस का अटैक एटीएम पर हो सकता है, इसलिए बैंकों को सचेत रहना चाहिए। हालांकि एडवाइजरी में एटीएम और पासबुक मशीनों को बंद करने का जिक्र नहीं है। एडवाइजरी में कहा गया है कि रैंसमवेयर वायरस अटैक अब तक का सबसे बड़ा वायरस हमला है।
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