Sanjay Raj Kalia will reveal itself vicious
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
एक सप्ताह पहले अपने ही घर में क्राइम ब्रांच के सिपाही रवींद्र सिंह के गोली लगने के बाद भागे शातिर संजय कालिया को पुलिस अभी तक पकड़ने में नाकाम रही है। संजय के दोस्त गौरव पाठक और कंतिया भी अभी तक पकड़ में नहीं आया है। सिपाही रविंद्र सिंह की हालत में अभी तक सुधार नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि अभी तक सिपाही पर हमले की कहानी अधूरी ही बनी हुई है। संजय कालिया के पकडे़ जाने के बाद ही सिपाही पर हमले की कहानी से पूरी तरह पर्दा उठ पाएगा। क्राइम ब्रांच के सिपाही को गोली लगने के रहस्य का अभी तक पता नहीं लग पाया है। हालांकि उसके भाई राम कश्यप को पुलिस ने जानलेवा हमला करने के आरोप में जेल भिजवा दिया है। सिपाही की हालत गंभीर बनी हुई है। इसलिए विवेचक बृहस्पतिवार को भी सिपाही के बयान नहीं ले पाए हैं। सिपाही के कपड़ों में गोली के निशान न होने से घटना को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। सिपाही की तरफ से पुलिस ने मुकदमा लिखकर छानबीन तो शुरू कर दी है, लेकिन असली कहानी संजय और सिपाही के अलावा कोई नहीं जानता है। संजय कालिया की तलाश के लिए पुलिस ने मुरादाबाद और बदायूं में उसकी बहनों के घर दबिश दी, लेकिन मिल नहीं पाया। उसके करीबी रिश्तेदारों के नंबर पुलिस ने सर्विलांस पर ले लिए हैं। प्रभारी निरीक्षक अतुल प्रधान ने बताया कि सिपाही के बयान अभी तक नहीं हो पाए हैं। संजय का पता लगाया जा रहा है, लग यही रहा है कि वह कहीं बाहर मतलब दूसरे प्रदेश में निकल गया।