जान लेवा हमले के मुकदमे में अभियुक्त से बरामद तमंचे को लेकर आर्म्स एक्ट क ी धाराओं में मुकदमा चलाने की अनुमति देने पर गवाही के लिए तत्कालीन जिला अधिकारी एम देवराज को अपर सत्र न्यायाधीश 12 जैगमउद्दीन ने अदालत में 3 जनवरी 2015 को तलब किया है। इस समय एम देवराज संयुक्त सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण के पद पर नई दिल्ली में तैनात हैं। गौरतलब है कि 14 जनवरी 2008 को परतापुर चौधरी के सियाराम ने अपने बेटे पवन पर हुए जान लेवा हमले की रिपोर्ट थाना इज्जतनगर में दर्ज करायी थी। रिपोर्ट रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के तत्कालीन छात्रसंघ महामंत्री छत्रपाल समेत चार लोगों के खिलाफ दर्ज करायी गई थी। आरोपियों से तमंचा बरामद हुआ था। तमंचा बरामद होने पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की संस्तुति तत्कालीन डीएम एम देवराज ने की थी। मुकदमे में उन्हें बतौर गवाह सम्मन भेजकर तलब किया गया लेकिन वह नियत तारीख 15 दिसंबर 2014 को हाजिर नहीं हुए तो इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश 12 जैगम उद्दीन ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने को कहा और केंद्रीय गृह सचिव को भी पत्र लिखा है।